डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान जुलाई-2026 की रैंकिंग जारी

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चोपन विकास खंड61.59 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान

लगातार तीसरी बार कोन ब्लॉक प्रथम, बभनी ने 8वें से 3रे स्थान पर लगाई छलांग

सोनभद्र जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता तथा मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की उपस्थिति में आयोजित जिला अनुश्रवण समिति की बैठक में डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान (डीएपी) जुलाई-2026 की विकास खंडवार रैंकिंग जारी की गई। रैंकिंग जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत की गई। यह रैंकिंग जनपद के 2075 परिषदीय विद्यालयों में नामांकन, छात्र ट्रांजिशन, अधिगम क्षमता, प्रौढ़ शिक्षा, डिजिटल छात्र उपस्थिति, मूल्यांकन, स्मार्ट क्लास के उपयोग एवं अन्य प्रमुख शैक्षणिक व प्रशासनिक संकेतकों के आधार पर तैयार की गई है।

कोन लगातार तीसरी बार शीर्ष पर
जारी रैंकिंग में कोन विकास खंड ने 65.39 प्रतिशत अंक प्राप्त कर लगातार तीसरी बार प्रथम स्थान प्राप्त किया। कोन के खंड शिक्षा अधिकारी विश्वजीत कुमार के नेतृत्व में विकास खंड ने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी शीर्ष रैंक बरकरार रखी।

चोपन दूसरे, बभनी ने लगाई लंबी छलांग

  • चोपन विकास खंड61.59 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान। खंड शिक्षा अधिकारी लोकेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में उल्लेखनीय प्रदर्शन।
  • बभनी विकास खंड60.71 प्रतिशत अंक के साथ सबसे बड़ा सुधार। खंड शिक्षा अधिकारी सुनील प्रजापति के नेतृत्व में बभनी ने आठवें स्थान से तीसरे स्थान पर छलांग लगाकर विशेष उपलब्धि हासिल की।

इसके बाद क्रमशः घोरावल, रॉबर्ट्सगंज, दुद्धी, चतरा, नगवां, म्योरपुर एवं कर्मा विकास खंड रहे।

डीएपी से हो रही गुणवत्ता की नियमित समीक्षा
डीएपी के माध्यम से विद्यालयवार नामांकन, छात्र ट्रांजिशन, अधिगम स्तर, प्रौढ़ शिक्षा, डिजिटल छात्र उपस्थिति, दक्षता आधारित मूल्यांकन, स्मार्ट क्लास का प्रभावी उपयोग, विद्यालय अनुश्रवण तथा विभागीय पोर्टलों पर समयबद्ध डाटा अद्यतन जैसे संकेतकों की समीक्षा की जा रही है।
जुलाई माह की समीक्षा में डिजिटल छात्र उपस्थिति तथा स्मार्ट क्लास के उपयोग में जनपद स्तर पर उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।

डीएम ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि जिन विकास खंडों का प्रदर्शन कम है उनके लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समयसीमा में सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए:

  • विद्यालयों का नियमित अनुश्रवण किया जाए
  • छात्र उपस्थिति में वृद्धि और अधिगम परिणामों में सुधार लाया जाए
  • डिजिटल मॉनिटरिंग को और प्रभावी बनाया जाए
  • प्रत्येक संकेतक पर निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए

डीएम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विकास खंडों के नवाचारों एवं कार्यप्रणाली को अन्य ब्लॉकों में अपनाने तथा अच्छा कार्य करने वाले विद्यालयों के शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। डीएपी आधारित यह मासिक रैंकिंग प्रणाली शिक्षा विभाग में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रत्येक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम बन रही है।

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