हवा में ज़हर, गांवों में हाहाकार

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अमित मिश्रा

O- राइस मिल के प्रदूषण के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान–नौजवान, मानव श्रृंखला बनाकर किया जोरदार प्रदर्शन

सोनभद्र। औद्योगिक प्रदूषण से जूझ रहे सोनभद्र जनपद में एक बार फिर हवा में फैलता ज़हर आम लोगों के जीवन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। रॉबर्ट्सगंज–पन्नूगंज मार्ग स्थित लसड़ा गांव में संचालित राइस मिल से फैल रहे गंभीर वायु प्रदूषण के खिलाफ आज किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर प्रशासन और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि राइस मिल से निकलने वाली धूल, राख और धुएं ने आसपास के इलाकों में सांस लेना तक दूभर कर दिया है। गांवों में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को दमा, एलर्जी, आंखों में जलन, खांसी और त्वचा रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या केवल एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि 15 से 20 गांव सीधे तौर पर इस प्रदूषण से प्रभावित हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर जिला प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक संबंधित राइस मिल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासनिक चुप्पी से आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रदूषण फैलाने वालों को खुली छूट दे दी गई हो।

प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने तीखा बयान देते हुए कहा-

“राइस मिल द्वारा फैलाया जा रहा प्रदूषण अब जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट बन चुका है। अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। यदि समय रहते इस राइस मिल पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा को बड़े और निर्णायक आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।”

ग्रामीणों ने साफ कहा कि विकास के नाम पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संतोष पांडेय सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि प्रदूषण के कारण खेती, पशुपालन और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए हैं।

यह प्रदर्शन केवल एक राइस मिल के खिलाफ नहीं, बल्कि उस प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ चेतावनी है, जो लगातार प्रदूषण की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई करने में विफल रही है। सोनभद्र जैसे पहले से ही औद्योगिक प्रदूषण से प्रभावित जिले में यदि ऐसे मामलों को अनदेखा किया गया, तो इसके परिणाम जनस्वास्थ्य के लिए भयावह हो सकते हैं।

अब सवाल साफ है-
क्या जिला प्रशासन प्रदूषण फैलाने वाली राइस मिल पर सख्त कार्रवाई करेगा?
या फिर ग्रामीणों की सांसें यूं ही जहरीली हवा में घुटती रहेंगी?

यह आंदोलन स्पष्ट संकेत है कि यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो सोनभद्र में जनआंदोलन और तेज होगा, और इसकी गूंज जिले से निकलकर प्रदेश और देश तक जाएगी।

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