तुलसी जयंती पर भक्ति और साहित्य से सजी काव्य निशा, देवगढ़ तीर्थ में गूंजे भावपूर्ण स्वर

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अमित मिश्रा

घोरावल (सोनभद्र) । श्रीरघुनाथ-मंदिर देवगढ़ तीर्थक्षेत्र न्यास, सोनभद्र के तत्वावधान में गोस्वामी तुलसीदास की 528वीं जयंती वेणीविलास अतिथिगृह के सभागार में हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कार्यक्रम का प्रारंभ संत श्यामप्रसाददास, अभयदास और किशनदास के नेतृत्व में हुए संगीतमय भगवन्नाम संकीर्तन से हुआ, जिससे वातावरण भक्ति-रस में डूब गया।

इसके उपरांत गोस्वामी तुलसीदास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर ‘काव्य-निशा’ सत्र का शुभारंभ किया गया। इस गरिमामयी अनुष्ठान में श्रीवृद्धेश्वरनाथ पीठाधीश्वर महंत डॉ. योगानन्द गिरि महाराज, सभाध्यक्ष पं. अजय शेखर, मुख्य अतिथि पं. सुधाकर शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि रामनाथ शिवेन्द्र शामिल रहे। दीप प्रज्ज्वलन के बाद कविवर ईश्वर विरागी की वाणी-वंदना से काव्य-निशा का शुभारंभ हुआ।

हिंदी और भोजपुरी के ख्यातिलब्ध कवियों और कवयित्रियों ने अपनी भावपूर्ण और ओजस्वी रचनाओं के माध्यम से तुलसी जयंती को साहित्यिक गरिमा से मंडित कर दिया। कार्यक्रम में डॉ. अनुज प्रताप सिंह, दिनेश गुक्कज, अमरनाथ तिवारी ‘मणि’, डॉ. लालजी सिंह बिसेन, एडवोकेट अशोक तिवारी, कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान, दिव्या राय, एड. प्रद्युम्न त्रिपाठी ‘पद्म’, प्रभात सिंह चन्देल, पं. रमाशंकर पांडेय ‘विकल’ सहित कई कवियों ने मंच से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम का संयोजन साहित्यकार-इतिहासकार डॉ. जितेन्द्रकुमार सिंह ‘संजय’ ने किया जबकि संचालन कवि दिलीप सिंह ‘दीपक’ ने अपने प्रभावशाली काव्य-शैली में किया। आयोजन के दौरान अतिथियों को अंगवस्त्र व प्रतीकचिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राजर्षि बाबू रामप्रसाद सिंह देवगढ़, स्वामी अरविंद, राजेश सिंह राष्ट्रवादी, बाबू महेन्द्र बहादुर सिंह, सन्दर्भ पांडेय, अजीत सिंह परमार, धर्मेंद्र कुमार सिंह ‘राजेश’, ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह ‘बृजेश’, मिश्रीलाल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साहित्यप्रेमी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। आयोजन में भक्ति, साहित्य और संस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित जनों को लंबे समय तक स्मरणीय अनुभव प्रदान किया।

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