पासवान समाज ने धूमधाम से मनाया बाबा चौहरमल की जयन्ती

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वीरेन्द्र कुमार

बाबा चौहरमल जयन्ती पर आयोजित हुए विविध कार्यक्रम

विंढमगंज(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। झारखण्ड राज्य की सीमा से लगें जनपद के धरतीडोलवा ग्राम पंचायत के शिव मंदिर प्रांगण में बाबा चौहरमल व राह पूजा ग्राम प्रधान सुरेंद्र पासवान के नेतृत्व में बड़े ही धूमधाम के साथ बिहार सासाराम से आए भोला भगत ने अपने कुल देवता का विधि विधान के साथ पूजा अर्चन करने के पश्चात पूजा स्थल पर ही अग्नि देव को प्रज्वलित करके अग्नि में नंगे पांव प्रवेश करने के पश्चात मौजूद सैकड़ो की तादात में ग्रामीणों ने भी नंगे पांव अग्नि में प्रवेश करके पार किया। इस दौरान बाबा चौहरमल की जय, अग्नि देवता की जय के जोरदार जय घोष से पूरा क्षेत्र गुंज उठा।


बाबा चौहरमल का इतिहास :- इस सम्बंध में भोला भगत ने बताया कि बाबा चौहरमल बिहार और उत्तर भारत के पासवान (दुसाध) समाज के एक महान लोक नायक, योद्धा और रक्षक माने जाते हैं। चौहरमल का जन्म 14वीं शताब्दी (4 अप्रैल 1313) में हुआ था, और वे एक साहसी योद्धा के रूप में प्रसिद्ध हुए। दुसाध/पासवान समुदाय के आराध्य देव हैं, जिन्हें सामंती दमन के खिलाफ वीरता और सामाजिक न्याय के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। इनकी गाथाएं, विशेषकर ‘रेशमा-चौहरमल’ की प्रेम और संघर्ष कथा, बिहार में अत्यधिक प्रचलित हैं, जो अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और अछूत माने जाने वाले योद्धा की विजय को दर्शाती हैं।

शनिवार की  दोपहर में लोक गायक तुफान राज,राममूर्त के द्वारा गीत संगीत के साथ बाबा चौहरमल की जयंती पर उनके जीवन के वीर गाथाओं से संबंधित गाना लोगो को मंत्र मुग्ध कर दिया।

इस दौरान मुख्य अतिथि अरुण भारती, विशिष्ट अतिथि राजीव पासवान, अति विशिष्ट अतिथि रामनरेश पासवान, जवाहर पासवान , छोटेलाल पासवान, हरिकेश पासवान, गीता देवी पासवान, राम जी पासवान, ज्ञानमती पासवान, डॉक्टर चंद्रिका पासवान, बृज किशोर पासवान, धर्मराज पासवान, चंदन पासवान, दिलीप पासवान, देव कुमार पासवान, विजय पासवान, राधेश्याम पासवान, राजाराम पासवान, समेत गांव के दर्जन ऑन लोग पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे रहे।

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