बीडीओ की सरकारी जीप फूंकने के मामले में दोषी जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित नौ दोषियो को चार वर्ष की कैद

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राजेश कुमार पाठक

प्रत्येक पर साढ़े 44 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर 2-2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी, जेल में बितायी अवधि सजा में होगी समाहित

करीब 17 वर्ष पूर्व सदर तहसील परिसर में सरकारी जीप में आग लगाकर जलाने का मामला

    सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में करीब 17 वर्ष पूर्व सदर तहसील परिसर में खड़ी सरकारी जीप में आग लगाकर जलाने के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोष सिद्ध पाकर जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय चौहान समेत नौ दोषियों को 4-4 वर्ष का कारावास व प्रत्येक पर साढ़े 44 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 2-2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी, जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी।

    अभियोजन पक्ष के मुताबिक 27 मई 2008 को तत्कालीन रॉबर्ट्सगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शफीक अहमद खां पुलिस बल व पीएसी बल के साथ शान्ति व्यवस्था, देखभाल क्षेत्र, ड्यूटी, धरना प्रदर्शन, जेल भरो आंदोलन कार्यक्रम जनवादी पार्टी व अपना दल के बाबत रॉबर्ट्सगंज तहसील परिसर में मौजूद थे। करीब सवा एक बजे दोपहर में जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय चौहान के ललकारने पर सैकड़ों की संख्या में लाठी डंडा, कट्टा ईट पत्थर आदि से लैस होकर मौजूद लोगों ने पुलिस बल के ऊपर हमला बोल दिया।

    इस दौरान एक दरोगा समेत कई पुलिस वालों को चोटें आई। इसके अलावा तहसील परिसर में खड़ी खण्ड विकास अधिकारी रॉबर्ट्सगंज की सरकारी जीप में भी आग लगाकर जला दिया गया। जिससे तहसील और कचहरी परिसर में अफरा तफरी मच गई। वही अन्य वाहनों को लेकर चालक भागने लगे। पुलिस वालों ने मौके से जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय चौहान, जनवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मराज चौहान, महासचिव राम दुलारे सिंह चौहान, कल्लू चौहान, राधेश्याम चौहान, संजय चौहान, धर्मेंद्र चौहान, रामबदन चौहान, लक्टू चौहान को गिरफ्तार कर लिया।

    इस तहरीर पर पुलिस ने आगजनी समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।


    मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोष सिद्ध पाकर नौ दोषियों डॉक्टर संजय चौहान, धर्मराज चौहान, राम दुलारे सिंह चौहान, कल्लू चौहान, राधेश्याम चौहान, संजय चौहान, धर्मेंद्र चौहान, राम बदन चौहान व लक्टू चौहान को 4-4 वर्ष का कारावास व प्रत्येक पर साढ़े 44 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 2-2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी।

    अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील विनोद कुमार पाठक ने बहस की।

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