मोरवा का विद्युत विभाग हो रहा आधुनिक, घरों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर

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मनीष चौधरी

सिंगरौली (मध्यप्रदेश)। जिले के मोरवा में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ी है। यहाँ पारंपरिक मीटरों की जगह डिजिटल स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जो उपभोक्ताओं की ऊर्जा खपत को सटीक मापकर बिजली विभाग को सीधे भेजते हैं। इससे मीटर रीडिंग में होने वाली गलतियों और ओवर बिलिंग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी। विद्युत विभाग द्वारा मार्च माह के अंत तक करीब 10 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शुरुआती दौर में फिलहाल 800 स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके हैं, परंतु अब कई टीमों की मदद से इस कार्य में तेजी आ रही है। बीके वर्ष परीक्षण के तौर पर नेहरू नगर में स्मार्ट मीटर लगाए गए थे। अब भगत सिंह कॉलोनी से मीटर लगाने का कार्य प्रारंभ किया गया है। संभवतः अगले सप्ताह सर्किट हाउस रोड से होते हुए मोरवा बाजार एवं रिहायशी क्षेत्र में मीटर को बदलने का तेजी से काम किया जाएगा। गौरतलब है कि विद्युत विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य मोंटीकार्लो कंपनी को सौंपा गया है। जिनके द्वारा एलएनटी कंपनी के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के यहाँ लगाए जा रहे हैं और आगे इनके द्वारा इसका मेंटेनेंस का कार्य भी किया जाएगा। इस संदर्भ में मोरवा विद्युत वितरण केंद्र के सहायक अभियंता लाल कृष्ण वैश्य ने बताया कि स्मार्ट मीटर स्वयं-रिपोर्टिंग के कारण मैनुअल रीडिंग से जुड़ी त्रुटियों को दूर करता है। इससे उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत के आधार पर बिल मिलेंगे, जिससे विवाद कम होंगे। सही आंकड़ों के आधार पर बिजली की खपत पर नजर रखने से उपभोक्ता अनावश्यक ऊर्जा उपयोग को नियंत्रित रख सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं को ओवर बिलिंग की समस्या से राहत मिलेगी। अब विद्युत विभाग द्वारा मीटर रीडिंग के लिए विभाग के व्यक्ति को घर-घर जाना नहीं पड़ेगा, एक निश्चित तिथि पर मीटर में दर्ज रीडिंग के आधार पर बिलिंग की जा सकेगी। इतना ही नहीं बिजली बिल न जमा होने पर अपने आप स्मार्ट मीटर बंद हो जाएगा और पुनः बिल जमा करते ही बिजली शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि पुराने मीटर रीडिंग में गड़बड़ी के कारण कई बार बिजली बिल में अनावश्यक वृद्धि हो जाती थी, जिसे स्मार्ट मीटर द्वारा दूर किया जा रहा है। सिंगरौली में स्मार्ट मीटर का उद्देश्य बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाना और उपभोक्ताओं के बिलिंग विवादों को कम करना है। हालांकि कई बार सोशल मीडिया पर स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी की शिकायत पर भी संज्ञान लेते हुए उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं द्वारा इस संदर्भ में शिकायत मिलने पर उसकी भी जांच कराई जाएगी।

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