नौगढ़ में महर्षि वाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाई गई
संवाददाता कौस्तुम केशरी “लकी”
नौगढ़ (चंदौली) । महर्षि वाल्मीकि सेवा स्थान में महर्षि वाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के बच्चों और कार्यकर्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि जी की जीवनी के बारे में बताया और उनकी उपलब्धियों को याद किया।
महर्षि वाल्मीकि जयंती हर साल हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है, इस साल वाल्मीकि जयंती 17 अक्तूबर को मनाई जा रही है। यह दिन महर्षि वाल्मीकि के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।
महर्षि वाल्मीकि एक महान ऋषि और कवि थे, जिन्होंने रामायण की रचना करके हिंदू धर्म और संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें आदिकवि के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने संस्कृत में पहली कविता लिखी थी।
महर्षि वाल्मीकि जयंती का उद्देश्य महर्षि वाल्मीकि के जीवन और कार्यों को याद करना और उनके आदर्शों को अपनाना है। यह दिन हमें नैतिकता, धार्मिकता, और सामाजिक न्याय के महत्व के बारे में याद दिलाता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चकिया विधायक कैलाश आचार्य शामिल हुए। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जी की महत्ता के बारे में बात की और उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सुरेश सिंह विशिष्ट अतिथि, मंडल अध्यक्ष भगवान दास अग्रहरि, बसंत लाल केसरी,देवेंद्र साहनी, दिवाकर मिश्रा, संचालन कर रहे हैं विजेंद्र कुमार, राजनाथ यादव, मलाई राम, अभिषेक कुमार,
राजाराम एवं समस्त बच्चे उपस्थित रहे।







