अमित मिश्रा
O- सरकारी दावों की हकीकत उजागर: सीटी स्कैन से पहले ही ‘सिस्टम’ ने दे दिया जवाब, वीडियो वायरल
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)। जहां एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं सोनभद्र के स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में हुई घटना ने उन दावों की पोल खोल दी है। सोमवार को एक मरीज समेत सात लोग लिफ्ट में करीब एक घंटे तक फंसे रहे, लेकिन सिस्टम समय पर राहत नहीं दे सका।
लोढ़ी स्थित मेडिकल कॉलेज के ब्लॉक-2 में मरीज को सीटी स्कैन के लिए ले जाया जा रहा था। तभी लिफ्ट अचानक बंद हो गई और अंदर मौजूद मरीज व तीमारदार घुटन भरे माहौल में कैद हो गए। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ तकनीकी खराबी थी या फिर व्यवस्था की गंभीर लापरवाही?
करीब एक घंटे तक लोग अंदर फंसे रहे, इस दौरान एक मरीज की तबीयत भी बिगड़ गई। परिजन मदद के लिए फोन करते रहे, लेकिन राहत पहुंचने में हुई देरी ने अस्पताल की तैयारी और जिम्मेदारी दोनों पर सवाल खड़े कर दिए।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने प्रशासन की नींद तो जरूर तोड़ी, लेकिन सवाल यह है कि क्या हर बार हादसे के बाद ही सिस्टम जागेगा?
मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों और इलेक्ट्रीशियन की मदद से आखिरकार सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एल-2 प्रभारी अवनीश शाहा ने इसे बारिश के कारण बिजली ट्रिप होना बताया, लेकिन यह जवाब कई नए सवाल खड़े करता है,
क्या इतने बड़े मेडिकल संस्थान में बैकअप सिस्टम नहीं था?
क्या लिफ्ट की नियमित जांच होती है?
और सबसे अहम अगर किसी की जान चली जाती तो जिम्मेदार कौन होता?
यह घटना केवल एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद खामियों का आईना है। करोड़ों की लागत से बने मेडिकल कॉलेज में यदि एक साधारण लिफ्ट भी सुरक्षित नहीं, तो मरीजों की जान कितनी सुरक्षित है, यह सोचने वाली बात है।
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने जिला प्रशासन और सरकार से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि “सिर्फ भवन बनाना ही विकास नहीं, बल्कि उसमें सुरक्षा और जिम्मेदारी सुनिश्चित करना भी जरूरी है।”
“जब इलाज से पहले ही मरीज को ‘सिस्टम’ की परीक्षा देनी पड़े, तो समझिए बीमारी सिर्फ शरीर में नहीं, व्यवस्था में भी है।”






