शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग
सोनभद्र। जिले में मानक और मान्यता विहीन विद्यालयों के संचालन, कोचिंग संस्थानों की मनमानी व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि जनपद में अनेक विद्यालय बिना मानक एवं मान्यता के संचालित हो रहे हैं। कोचिंग संस्थानों की स्थिति भी चिंताजनक है। इनमें क्षमता से अधिक विद्यार्थियों का प्रवेश लिया जा रहा है। अभिभावकों से मनमानी फीस वसूली, स्टेशनरी व यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। केवल परीक्षा के समय छात्रों को बुलाकर धन उगाही की जा रही है।
एबीवीपी ने आरोप लगाया कि कई महाविद्यालयों में नियमित कक्षाएं नहीं चलतीं। छात्र पूरे वर्ष अनुपस्थित रहते हैं और केवल परीक्षा देने आते हैं। फार्मेसी व अन्य कॉलेजों में प्रयोगशाला, योग्य फैकल्टी, बुनियादी ढांचा व समुचित प्रबंधन का अभाव है। जिले में केवल 15 कोचिंग संस्थानों को ही मान्यता प्राप्त है, जबकि इससे कई गुना अधिक अवैध रूप से चल रहे हैं।
परिषद ने कहा कि नया सत्र शुरू होते ही फीस वृद्धि, पुनः प्रवेश, किताब-कॉपी, ड्रेस के नाम पर स्कूलों की मनमानी शुरू हो जाती है। जांच के नाम पर शिक्षा विभाग का दिखावा होता है। अधिकारी जब किताब की दुकान पर पहुंचते हैं तो दुकान पहले से बंद मिलती है।
एबीवीपी ने जिलाधिकारी से सभी अवैध विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने व मानकों का कड़ाई से पालन कराने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो परिषद जनहित में व्यापक आंदोलन करेगी।
इस दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन निषाद, विभाग संयोजक सौरभ सिंह, प्रांत संयोजक अनमोल सोनी, जिला संयोजक ललितेश मिश्र, प्रांत SFS सह संयोजक राहुल जलान, तहसील संयोजक योगेश, आशुतोष, सिद्धार्थ आदि मौजूद रहे।






