सोनभद्र के एक अनोखे गाँव में 2 घंटे देर से होता है सूर्योदय, 1 घंटे पहले हो जाता है सूर्यास्त

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रवि पाण्डेय

सोनभद्र । उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के नगवां ब्लॉक में स्थित एक अनोखा गाँव अपनी विशेष भौगोलिक बनावट के कारण चर्चा में है। बिहार बॉर्डर के पास स्थित इस गाँव में सूर्योदय आम स्थानों की तुलना में दो घंटे देर से होता है और सूर्यास्त एक घंटे पहले ही हो जाता है। इस प्राकृतिक अद्भुत नजारे का कारण यहाँ की भौगोलिक स्थिति है, जो इसे अन्य गाँवों से अलग बनाती है। 

नदी ने सात बार घेरा, जमीन के मालिक नहीं थे आदिवासी

यह गाँव एक ही नदी द्वारा सात बार घिरा हुआ है, जिससे यहाँ के निवासियों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसके अलावा, गाँव में रहने वाले आदिवासी परिवारों के पास अपनी जमीन का मालिकाना हक नहीं था। इस पूरे गाँव में महज लगभग 50 बीघा जमीन थी, जो सभी ग्रामीणों के लिए बेहद कम थी। 

भाजपा सरकार ने दिया वन भूमि पर पट्टा, खिले आदिवासियों के चेहरे
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने आदिवासी समुदाय के हक में ऐतिहासिक फैसला लिया। सरकार ने वन भूमि पर अधिकार प्रदान करते हुए यहाँ के निवासियों को पट्टा देकर मालिकाना हक दिया। इस फैसले से आदिवासी समुदाय के लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। वर्षों से अपनी जमीन के लिए संघर्ष कर रहे इन परिवारों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। 

गाँव के निवासी दामोदर ने बताया, “पहले हमें जमीन पर कोई अधिकार नहीं था, लेकिन अब सरकार ने हमें मालिकाना हक दिया है। अब हम अपनी जमीन पर खेती कर सकते हैं और भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।”

अब आत्मनिर्भर बनेगा गाँव

सरकार द्वारा भूमि अधिकार मिलने के बाद अब यह गाँव आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आदिवासी परिवार अब खेती-किसानी कर अपनी आजीविका सुधार सकेंगे। सरकार का यह कदम ग्रामीण विकास और आदिवासियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। 

यह ऐतिहासिक फैसला इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनजातीय समुदायों को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। सोनभद्र का यह गाँव अब विकास की नई राह पर चल पड़ा है, जहाँ सूर्योदय भले ही देर से होता हो, लेकिन उम्मीदों की रोशनी अब हर चेहरे पर चमकने लगी है।

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