सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी बोली- NGT आदेश की उड़ाई जा रही धज्जियां, जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई
सोनभद्र। जिले के चोपन क्षेत्र की रेणुका नदी के खेवंधा इलाके में नदी की धारा को रोककर अवैध खन किए जाने का मामला सामने आया है। मामले के प्रकाश में आने के बाद भी प्रशासनिक अमला चुप्पी साधे हुए है, जिससे पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है। सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के संयोजक रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि नदी की धारा को रोककर प्रकृति और पर्यावरण नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पोकलेन मशीनों से नदी में बालू का अवैध खन किया जा रहा है। भारत के खनिज संरक्षण और विकास नियम 1957 के अनुसार नदी के भीतर खन या किसी भी प्रकार का कच्चा-पक्का रास्ता बनाना अवैध है। पर्यावरण संरक्षण कानून 1986 भी नदी के प्रवाह और जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, लेकिन पोकलेन मशीनों से नदी के प्राकृतिक स्वरूप को भारी नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय ग्रामीणों में इस अवैध खन को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन को सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि सत्ता पक्ष के लोगों और प्रशासन की मिलीभगत से यह काम धड़ल्ले से चल रहा है। पर्यावरण कार्यकर्ता रामेश्वर, प्रदीप, बेचन, प्रशांत, दिनेश, दीपक, पंकज आदि ने अवैध खन पर रोक लगाने की मांग की है। रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि NGT के आदेश के बाद भी नदी का कलेजा छलनी किया जा रहा है। जिम्मेदारों की लापरवाही पर उनके वेतन से भरपाई का नियम बनना चाहिए, तभी अवैध खन पर रोक लग सकेगी।




