आदिवासी समाज एकजुट होगा तो फुट डालो की राजनीति खत्म हो जाएगी: सांसद

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नवीन कुमार

सोनांचल के हर आदिवासी का घर होगा पक्का , हर घर बिजली होगी : संजीव गोड़

अपने हक के लिए आदिवासियों को सड़क पर उतरना होगा:रोशनलाल

भारतीय संविधान को बचाने के लिए एकजुटता जरूरी: अविनाश

कोन(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। आदिवासी समाज को एकजुट कर बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश हुकूमत से लड़ाई लड़ी और आज हम उनको अपने समाज का भगवान मनाते है। जल जगंल और जमीन के लिए वनवासी समाज के तिलका मांझी, रानी दुर्गावती ने लड़ाई लड़ी यह आज की पीढ़ी को बताना हम सबका नैतिक कर्तव्य बनता है। उक्त बातें कोन ब्लॉक के सलैयाडीह गांव में रविवार को आयोजित आदिवासी समागम और करमा पूजन समारोह का उद्घाटन करते हुए प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री संजीव गोंड ने कहा।

इस कार्यक्रम का शुभारम्भ राज्यमन्त्री संजीव गोंड़, सांसद छोटेलाल खरवार, पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा, रोशन लाल यादव ने भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, रानी दुर्गावती और बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया।

इस दौरान प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोंड ने कहा कि भगवान विरसा मुंडा अमर रहें के नारे के साथ उन्होंने आदिवासियों का उत्साह बढ़ाया। कहा कि जल, जंगल, जमीन की लड़ाई को लेकर आपने देखा होगा कि कैसे भगवान विरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, तिलका मांझी ने अपने समाज की जल, जंगल, जमीन बचाया था। उसी तरह से आदिवासियों को संगठित होना पड़ेगा, हमारे समाज के बच्चे अभी तक अनपढ़ रह गए हैं जिन्हें किसी भी तरह शिक्षित करना होगा। केंद्र सरकार ने 2006 में वनाधिकारी क़ानून बनाया है, लेकिन अभी तक यह अधिकार पूर्ण रूप से नहीं मिला, सरकार से आग्रह करके आदिवासियों को पट्टा देने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हमने कहा कि सोनांचल के हर आदिवासी का घर पक्का हो और उन्हें बिजली मिले।


आदिवासी समागम और करमा पूजन समारोह का आयोजन कर रहे शंकर गोड़ व चन्द्र देव चेरो के आमंत्रण पर पहुंचे सोनाँचल संघर्ष वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट रोशन लाल यादव ने उद्घाटन भाषण में बोलते हुए कहा कि सोनांचल में आज सोनांचल का आदिवासी दर्दनाक व्यथा के दौर से गुजर रहा है, सरकार ने उनके हक अधिकारों को न देकर उनकी दुर्दशा की जिम्मेदार बन बैठी है। सोनाँचल के आदिवासियों की पुश्तैनी जल, जंगल, जमीन से वनविभाग उजाड़ने पर आमादा है। एक भी आदिवासी युवक को सोनांचल की निजी कंपनियों ने नौकरी नहीं दिया, आज उनके पास अपनी जल, जंगल, जमीन के अलावा कोई भी रोजगार नहीं है। सोनाँचल के आदिवासियों की संस्कृति, पहचान और अस्मिता मिटाने पर बाहरी शोषणवादी ताकतें आमादा हैं जिन पर सरकार की कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है। सोनाँचल में चरम सीमा पर उत्पादित खनिज संपदा का बेखौफ दोहन किया जा रहा है। 
रोशन लाल यादव ने सोनाँचल के आदिवासी नौजवानों का आह्वान किया कि बिना संगठित हुए ऐसे ही बाहरी लोग आपका हक अधिकार छिनता जाएगा, लामबंद होकर अपने हक अधिकारों के लिए सड़क पर हर हाल में उतरना पड़ेगा।


सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा जो आदिवासी 25 साल से अपने जल,जंगल, जमीन पर काबिज है उसे कोई नहीं हटा पाएगा। आदिवासियों को शिक्षित होना पड़ेगा, आदिवासी जब आपस में मिलकर रहेगा तो फूट डालो की राजनीति खत्म हो जाएगी।

वही पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि अदिवासी समाज एक जुट हो जाये क्योंकि भारत के संविधान को बचाना है। उन्होंने कहा कि जब मैं विधायक था तब किसी अधिकारी कर्मचारी की हिम्मत नहीं थी कि उत्पीड़न कर सके। आज लोगों को रोजगार नही मिल रहा लोग परेशान हैं।

इस कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेंद्र जायसवाल ने किया।

उक्त मौके पर अमरेश चंद्र यादव, मुकेश यादव, विजय शंकर जायसवाल, अजय सिंह, चेरो पंकज चेरो, त्रिपुरारी गोंड़ आदि लोग मौजूद रहे।

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