अन्नदाताओं से सरकार को कोई सरोकार नहीं :  सदीप मिश्र

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अमित मिश्रा

O- धान खरीद बंद करने के फैसले पर फूटा किसानों का आक्रोश, बड़े आंदोलन की चेतावनी

सोनभद्र। किसानों के हितों की अनदेखी को लेकर जनपद में रोष बढ़ता जा रहा है। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने धान खरीद बंद करने के निर्णय को किसान विरोधी बताते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोर्चा के नेता सदीप मिश्र ने कहा कि “सरकार को अन्नदाताओं से कोई सरोकार नहीं रह गया है। यह फैसला किसानों के साथ खुला अन्याय है।”

उन्होंने बताया कि इस वर्ष डीएपी खाद समय पर न मिलने और ‘मोन्था’ जैसे तूफान की मार झेलने के बावजूद किसानों ने कड़ी मेहनत से धान की रिकॉर्ड पैदावार की है, जो पिछले वर्ष से कहीं अधिक है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा जनपद में धान खरीद नहीं होगी का आदेश पारित करना किसानों की मेहनत पर पानी फेरने जैसा है।

आंकड़े जो सवाल खड़े करते हैं

पिछले वित्तीय वर्ष में जनपद में लगभग 1.20 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। वहीं इस वर्ष बेहतर पैदावार के बावजूद केवल 1.03 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद दिखाई जा रही है, वह भी राइस मिलरों और बिचौलियों को जोड़कर। इससे स्पष्ट है कि सरकारी खरीद के अभाव में किसानों को औने-पौने दामों पर फसल बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

किसानों की पीड़ा

जनपद भर से किसानों के फोन आ रहे हैं-“अब धान कहाँ बेचें? सुनने वाला कोई नहीं है।” आरोप है कि यह व्यवस्था बिचौलियों और राइस मिलरों को अधिक मुनाफा पहुंचाने के लिए बनाई गई है, जबकि वास्तविक अन्नदाता उपेक्षित हैं।

आंदोलन की चेतावनी

किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सरकारी धान खरीद शुरू नहीं की गई, तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। मोर्चा का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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