संयुक्त कमेटी बनाकर एक सप्ताह के अंदर सौंपी जाय रिपोर्ट :मंडलायुक्त

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अमित मिश्रा

कमेटी में एसडीएम, सीओ, डीजीएमएस के अधिकारी , वन विभाग, भू वैज्ञानिक शामिल रहेंगे

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में 15 नवम्बर को बिल्ली मारकुंडी पत्थर खदान में हुए हादसे में सात मजदूरों की मौत के बाद खान सुरक्षा निदेशालय वाराणसी द्वारा 37खदानों पर लगाई गई रोक k बाद गहराए खनन संकट को लेकर सोमवार को मण्डलायुक्त ने  डीजीएमएस, खनन विभाग, वन विभाग,खनन पट्टा धारकों के साथ  बैठक किया। इस दौरान मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि डीजीएमएस द्वारा बन्द की गयी 37 खदानों की कमेटी गठित कर जांच कर रिपोर्ट तैयार करें।

वही आयुक्त विन्ध्याचल मण्डल मीरजापुर राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में बैठक की गयी, जिसमें जिला प्रशासन के समस्त वरिष्ठ अधिकारी, वन विभाग के समस्त वरिष्ठ अधिकारी, खनिज विभाग, राजस्व विभाग के सभी अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी एवं खनन पट्टाधारक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मण्डलायुक्त ने डीजीएमएस द्वारा बन्द की गयी 37 खदानों की उच्च स्तरीय संयुक्त जांच टीम का गठन कर जांच के निर्देश दिये गये एवं एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।

निदेशक, खान सुरक्षा द्वारा जिन खदानों में सरफेस प्लान व सुधारात्मक कार्य योजना प्रस्तुत कर दी गई है, उनको शुरू करने की कार्यवाही के संकेत दिये गये।

इस दौरान मण्डलायुक्त ने कहा कि जनपद में वन अनापत्ति के लिए लम्बित 13 क्षेत्र व 24 क्षेत्र पत्थर व मोरम के 12 क्षेत्र ई०सी० के लिए लम्बित एवं डीएसआर में 10 क्षेत्र अर्थात कुल 59 क्षेत्रों को जल्द से जल्द आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करते हुये विज्ञापित किये जाने की कार्यवाही की जाये, जिससे आम जनमानस को उपखनिज यथा गिट्टी, बालू की आपूर्ति आसानी से हो सके।

इस दौरान खान सुरक्षा निदेशक, वाराणसी क्षेत्र वाराणसी द्वारा खनन पट्टों पर लगाये गये प्रतिबन्ध के सम्बन्ध में पट्टा धारकों के साथ मण्डलायुक्त ने सीधा संवाद कर बन्द की गयी खदानों के सम्बन्ध में जानकारी भी प्राप्त की।

इस दौरान मण्डलायुक्त ने जिलाधिकारी से कहा कि बन्द पड़ी जनपद की 37 खदानों की जाॅच हेतु कमेटी में उप जिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, वन विभाग, डीजीएमएस खनन विभाग के अधिकारी व भू-वैज्ञानिक शामिल रहेंगें।

इस दौरान जिलाधिकारी ने खनन पट्टा धारकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि खदानो में प्रशिक्षित व्यक्ति को ही रखा जाये और यह भी सुनिश्चित किया जाये कि डीजीएमएस द्वारा खदानों के निरीक्षण के दौरान सम्बन्धित खदान के स्वामी उपस्थित रहें, जिससे डीजीएमएस द्वारा जो भी सुझाव दिये जाये, उसका अनुपालन सम्बन्धित खदान स्वामी द्वारा किया जाये।

बैठक के दौरान प्रभागीय कैमूर वन्य बिहार तापस मिहिर, प्रभागीय वनाधिकारी राबर्ट्सगंज, प्रभागीय वनाधिकारी ओबरा, प्रभागीय वनाधिकारी रेनुकूट, अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) वागीश कुमार शुक्ला, ज्येष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप, खनन व्यवसाय संगठन के अध्यक्ष, पदाधिकारीगण सहित व्यवसायिकगण उपस्थित रहें।

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