“कुंडारी देवी मंदिर में पहुंची टीम, बालिका को बाल गृह में रखा गया सुरक्षित”
सोनभद्र। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की तत्परता से बुधवार को जनपद में एक नाबालिग बालिका का बाल विवाह होने से बच गया।
जुगैल थाना क्षेत्र के कुंडारी देवी मंदिर में नाबालिग के विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट को मिली। सूचना पर परियोजना समन्वयक मुकेश सिंह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए टीम गठित की। टीम ने संबंधित थाने से समन्वय कर मौके पर पहुंचकर बाल विवाह को रुकवा दिया।
चाइल्ड हेल्पलाइन की सुपरवाइजर सुधा गिरी ने बताया कि मौके पर बालिका के परिजनों से आयु संबंधी दस्तावेज मांगे गए। जांच में बालिका नाबालिग पाई गई। उपस्थित लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की जानकारी दी गई। अधिनियम के अनुसार लड़की की विवाह आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष है। इससे कम आयु में विवाह करना दंडनीय अपराध है।
केसवर्कर सीमा शर्मा ने बताया कि इस कानून के तहत बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, पंडित/काजी एवं अन्य शामिल लोगों को 2 वर्ष तक का कठोर कारावास और जुर्माना हो सकता है। यह गैर-जमानती एवं संज्ञेय अपराध है। बालिग होने पर पीड़ित बच्चा 2 वर्ष के भीतर ऐसे विवाह को शून्य भी घोषित करवा सकता है।
आवश्यक काउंसलिंग के बाद बालिका को बाल कल्याण समिति सोनभद्र के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के आदेश पर बालिका को बाल गृह बालिका, रॉबर्ट्सगंज में सुरक्षित रखा गया है।
सुपरवाइजर सत्यम चौरसिया ने आमजन से अपील की कि बाल विवाह या बाल अधिकारों के उल्लंघन की जानकारी मिलने पर तुरंत टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना दें।






