दुद्धी में पास्को के आरोपी, बलात्कारी व्यक्ति को विधायक बनाकर उपचुनाव थोपने का काम भाजपा ने किया : ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंटऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट

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अमित मिश्रा

भाजपा को महिला सम्मान पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं

● बलात्कारी को विधायक बना भाजपा ने थोपा दुध्दी उपचुनाव
● ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की जिला कमेटी का राजनीतिक प्रस्ताव

म्योरपुर (सोनभद्र) 18 मई 2024, भारतीय जनता पार्टी को महिला उत्थान और सम्मान पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। दुद्धी में पास्को के आरोपी बलात्कारी व्यक्ति को विधायक बनाकर उपचुनाव थोपने का काम भाजपा ने किया है। सिर्फ यही नहीं जम्मू कश्मीर के कठुआ से लेकर कुलदीप सेंगर, गुजरात के बिलकिस बानो के बलात्कारियों को रिहा करने जैसे समेत तमाम मामलों में संरक्षण देने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया है। इसलिए इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और उनके सहयोगियों के प्रत्याशियों को हराना राजनीतिक दायित्व है। ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की जिला कमेटी के लिए गए राजनीतिक प्रस्ताव में यह बातें कहीं गई।
प्रस्ताव में कहा गया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने परिसीमन की शर्त लगाकर संसद और विधानसभा में मिलने वाले महिला आरक्षण को अनिश्चित काल के लिए लटका दिया। यही नहीं इसका नाम बदलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम जो किया गया है वह भी महिला विरोधी आरएसएस बीजेपी की विचारधारा को दिखाता है। प्रस्ताव में कहा गया कि राष्ट्रीय अपराध नमूना सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार महिला हिंसा के मामले में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर आता है। बावजूद इसके महिलाओ के सुरक्षा, स्वाभिमान और सम्मान के लिए चलाई जा रही 181 वीमेन हेल्पलाइन योजना को सरकार ने बंद कर दिया और उसमें काम करने वाली सैकड़ो महिलाओं को रोजगार से वंचित कर दिया। इसी प्रकार महिलाओं और लड़कियों को कुपोषण से बचाने वाली आईसीडीएस स्कीम पर लगातार बजट को घटाने का काम किया गया है। लाखों महिलाएं बेहद कम मानदेय पर आशा, आंगनबाड़ी और रसोईयां के बतौर काम कर रही हैं लेकिन उनके मानदेय को बढ़ाने के सवाल पर भाजपा का संकल्प पत्र मोदी की गारंटी 2024 मौन है। प्रस्ताव में कहा गया कि मोदी सरकार द्वारा लखपति दीदी बनाने का दावा भी जमीनी स्तर पर जुमला ही बनकर रह गया है। तमाम गांव का दौरा करने और सर्वे करने के बाद यह पाया गया कि कहीं भी मोदी जी की बनाई हुई लखपति दीदी गांव में दिखाई नहीं देती। सरकारी महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जो कर्ज भी दिया जा रहा है उस पर 12 प्रतिशत ब्याज की वसूली की जा रही है जो की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए दे पाना बड़ा मुश्किल है। यही नहीं बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा शिकार अगर कोई तबका हो रहा है तो वह समाज की उत्पीड़ित महिलाएं हैं। महंगाई से महिलाए कुपोषण का शिकार हो रही हैं। इसलिए प्रस्ताव में महिलाओं से अपील की गई कि भारतीय जनता पार्टी और उनके सहयोगियों को राबर्ट्सगंज लोकसभा और दुध्दी विधानसभा चुनाव में हराएं।

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