एनसीएल को बड़ा झटका: पहली तिमाही में 5.9 मिलियन टन कम हुआ कोयला उत्पादन

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आउटसोर्सिंग कंपनियों की सुस्ती बनी वजह, 16.3% गिरी उत्पादन दर

म्योरपुर, सोनभद्र। भीषण गर्मी में ताप विद्युत गृहों की बढ़ती कोयला मांग के बीच एनसीएल को बड़ा झटका लगा है। चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून में एनसीएल महज 30 मिलियन टन कोयला ही निकाल सकी, जो पिछले साल के 35.9 मिलियन टन से 5.9 मिलियन टन यानी 16.3% कम है। हालांकि डिस्पैच में गिरावट कम रही। इस तिमाही में एनसीएल ने 32.9 मिलियन टन कोयला भेजा, जो पिछले साल के 34.7 मिलियन टन से सिर्फ 1.8 मिलियन टन कम है। सूत्रों के अनुसार उत्पादन में गिरावट की मुख्य वजह ब्लॉक बी, बीना समेत कई खदानों में आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा ओवर बर्डेन हटाने में नाकाम रहना है। पिछले वित्तीय वर्ष में भी ओबी कंपनियों की सुस्ती के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ था। कोल इंडिया की सिर्फ दो कंपनियां एसईसीएल और सीसीएल ही पिछले साल से आगे रहीं। एसईसीएल ने 7.2% और सीसीएल ने 10% अधिक कोयला निकाला। कुल मिलाकर कोल इंडिया का उत्पादन पहली तिमाही में पिछले साल से 7.5% कम रहा। गर्मी में बिजली की बढ़ती मांग के बीच उत्पादन में कमी से ताप विद्युत गृहों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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