अमित मिश्रा
O- जनगणना से लेकर मनरेगा और ग्रामीण आवास तक हर योजना पर मांगी गई जवाबदेही, अफसरों को तय समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश
सोनभद्र। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रामीण विकास योजनाओं को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। विकास भवन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जनगणना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), ग्रामीण आवास योजना, मनरेगा और पंचायत स्तर पर संचालित अन्य विकास कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जिले के सभी विकास खंडों की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई और योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर सख्त नाराजगी भी जताई गई।
बैठक में DC मनरेगा, DC NRLM, जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO), सभी खंड विकास अधिकारी (BDO), सहायक विकास अधिकारी पंचायत [ADO(P)] समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि विकास योजनाओं में अब किसी भी स्तर की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर योजना की मॉनिटरिंग सीधे शासन स्तर तक की जा रही है।
बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। साथ ही योजनाओं में पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों तक सीधा लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जगृति अवस्थी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा—
“जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करें और यह सुनिश्चित करें कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले। शासन की प्राथमिकता है कि विकास योजनाएं धरातल पर दिखाई दें और आम जनता को उनका सीधा फायदा मिले।”
जगृति अवस्थी ने यह भी कहा कि मनरेगा, ग्रामीण आवास और NRLM जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनके माध्यम से गांवों में रोजगार, आत्मनिर्भरता और आधारभूत विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों से फील्ड विजिट बढ़ाने, कार्यों की गुणवत्ता जांचने और शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में पंचायत स्तर पर स्वच्छता, पेयजल, सड़क, आवास और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विकास कार्यों की प्रगति नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट की जाए और किसी भी योजना में फर्जीवाड़ा या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सोनभद्र में हुई यह समीक्षा बैठक केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि सरकार के उस सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है जिसमें विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत पर फोकस बढ़ा दिया गया है। आने वाले समय में जिले के ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।






