अमित मिश्रा
O- डीएम चर्चित गौर का आधी रात जैसा एक्शन, मेडिकल कॉलेज की बदहाली पर बरसे जिलाधिकारी
O- DM चर्चित गौर का ‘रुद्र रूप’, मेडिकल कॉलेज में मचा हड़कंप
सोनभद्र। जिले के मुखिया जब खुद मोर्चा संभाल लें, तो सिस्टम की चूलें हिलना तय है। जिलाधिकारी चर्चित गौर ने आज अचानक मेडिकल कॉलेज पहुंचकर वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद वहां के लापरवाह अधिकारियों को बिल्कुल नहीं थी। बिना किसी पूर्व सूचना के जब डीएम का काफिला अस्पताल परिसर में दाखिल हुआ, तो वहां हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने एक-एक कर तीनों बिल्डिंगों को खंगाला और जो हकीकत सामने आई, उसने स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी।
गंदगी और स्टाफ की कमी पर कड़े तेवर
सिर्फ बिजली-पानी ही नहीं, बल्कि अस्पताल की साफ-सफाई को लेकर भी डीएम का पारा चढ़ा रहा। गंदगी देख उन्होंने संबंधित जिम्मेदारों को चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई तय है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी का पारा तब चढ़ गया जब उन्होंने देखा कि भीषण गर्मी और उमस के बीच मरीज बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। अंधेरे में डूबे वार्ड और सूखे नलों को देखकर डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई और दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि मरीजों की तकलीफ के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने तत्काल प्रभाव से बिजली व्यवस्था को बहाल करने और पानी की किल्लत को दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर काम करने का अल्टीमेटम दे दिया है।
डीएम की सीधी चेतावनी
“मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाओं से कोई समझौता नहीं होगा। बिजली-पानी जैसी बुनियादी जरूरतें हर हाल में मिलनी चाहिए। जो कमियां हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा, लापरवाही करने वाले सावधान रहें!”
चर्चित गौर (DM, सोनभद्र)
सिर्फ बुनियादी सुविधाएं ही नहीं, बल्कि डीएम की नजर अस्पताल की दीवारों पर जमी गंदगी और स्टाफ की भारी कमी पर भी पड़ी। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि केवल बिल्डिंग खड़ी कर देने से स्वास्थ्य सेवाएं नहीं सुधरतीं, बल्कि मरीजों को समय पर डॉक्टर और साफ-सुथरा माहौल मिलना चाहिए। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए शासन स्तर पर त्वरित पैरवी की जाएगी। डीएम के इस ‘हंटर’ के बाद अब उम्मीद जगी है कि सोनभद्र मेडिकल कॉलेज की सूरत बदलेगी और गरीबों को वह इलाज मिल पाएगा जिसके वे हकदार हैं।
क्या होगा आगे?
डीएम के इस कड़े रुख के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि मेडिकल कॉलेज की कमियों को दूर करने के लिए शासन स्तर पर भी पत्राचार किया जाएगा और स्थानीय स्तर पर भी जल्द ही सुधार नजर आएगा।






