बिजली आपूर्ति ठप रहने से नाराज उपभोक्ताओं ने चकरिया सब स्टेशन पर किया जोरदार प्रदर्शन

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

नवीन कुमार

O- विद्युत विभाग पर मनमाने तरीके से बिजली देने और लापरवाही का आरोप, ग्रामीणों ने दी जन आंदोलन की चेतावनी

कोन (सोनभद्र)। न्याय पंचायत गड़ाव के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों चकरिया, बरमोरी, चन्नी व पिंडारी में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने चकरिया में स्थित विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन का नेतृत्व चकरिया के ग्राम प्रधान राजेश्वर तथा पिंडारी के प्रधान विदेश कुमार ने किया। ग्रामीणों का आरोप था कि सब स्टेशन होने के बावजूद क्षेत्र में नियमित और तयशुदा समय पर बिजली नहीं मिल रही है। कभी-कभी तो कई-कई घंटे तक बिजली पूरी तरह गुल रहती है। इससे बच्चों की पढ़ाई, सिंचाई, घरेलू कार्य और मोबाइल नेटवर्क तक प्रभावित हो रहा है।

“तय समय पर नहीं मिलती बिजली, सूचना देने पर भी नहीं होती मरम्मत”

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों रेणु देवी, संध्या कुमारी, नागेंद्र, मनोज कुमार, अशोक, श्रवण, राजेंद्र आदि ने बताया कि विभाग की ओर से बिजली आपूर्ति का कोई समय निर्धारित नहीं है। जब किसी गांव में लाइन या पोल की समस्या होती है, तो कर्मचारियों को बार-बार सूचना देने के बावजूद समय पर न मरम्मत होती है और न ही कोई कर्मचारी मौके पर आता है। इससे लोगों को गहरा असंतोष है।

“विभागीय कर्मचारियों का रवैया बेहद उदासीन”

ग्रामीणों ने विभागीय कर्मचारियों पर मनमानी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि न तो वे समय पर मरम्मत करते हैं, और न ही उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने कहा कि सब स्टेशन बन जाने के बाद उम्मीद जगी थी कि अब क्षेत्र को नियमित बिजली मिलेगी, लेकिन अब भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

“समस्या हल नहीं हुई तो होगा जन आंदोलन”

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया और कर्मचारियों के रवैए में बदलाव नहीं आया तो यह आंदोलन और भी व्यापक रूप ले सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि यह आंदोलन अब जन आंदोलन में बदलेगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से बिजली विभाग की होगी।

चकरिया के ग्राम प्रधान राजेश्वर ने कहा कि विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित व मौखिक रूप से समस्याएं बताई गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पिंडारी प्रधान विदेश कुमार ने कहा कि उपभोक्ताओं का सब्र अब टूट रहा है, विभाग अगर समय रहते नहीं चेता तो बड़ा आंदोलन होगा।

ग्रामीणों की मांगें, बिजली आपूर्ति के लिए निश्चित समय सारणी जारी की जाए, खराब पोल, तार और लाइन की मरम्मत तुरंत की जाए, उपकेंद्र पर कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए, शिकायत मिलने पर तत्काल समाधान की व्यवस्था हो ।

ग्रामीणों का यह प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला, जिसके बाद विभागीय अधिकारियों ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। लेकिन ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यह सिर्फ चेतावनी है, आगे की लड़ाई और तेज होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1543
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?