आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कलेक्ट्रेट पर किया विरोध प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

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O सरकारी कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान व पेंशन की मांग, जिलाध्यक्ष बोलीं- अब चुप नहीं बैठेंगे

सोनभद्र। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि को सौंपकर अपनी लंबित मांगों पर त्वरित निर्णय की मांग की।
जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने कहा कि प्रदेश की लाखों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकाएं अत्यंत वेदना व आक्रोश के साथ यह ज्ञापन दे रही हैं। योजनाओं को धरातल पर उतारने वाली कार्यकत्रियां आज अपने मूल अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। आधे से अधिक कार्यकत्रियां समय से पहले बीमार व शारीरिक रूप से कमजोर हो चुकी हैं, इलाज तक कराने में असमर्थ हैं।
उन्होंने बताया कि 8 मार्च महिला दिवस पर सरकार ने वार्ता कर 30 अप्रैल तक ठोस निर्णय का आश्वासन दिया था। समय सीमा समाप्त होने के बाद 1 मई को एक दिवसीय धरना देकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। संगठन सरकार के विरोध में नहीं, अधिकारों के पक्ष में खड़ा है।
प्रमुख मांगें: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा, अपमानजनक मानदेय समाप्त कर सम्मानजनक वेतनमान, पेंशन, PF, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता, नियमित वेतन वृद्धि, सवेतन अवकाश, चिकित्सा सुविधा, मातृत्व लाभ, अतिरिक्त कार्यों का अलग पारिश्रमिक, स्पष्ट सेवा नियमावली व नौकरी की सुरक्षा।
प्रतिमा सिंह ने कहा कि यह ज्ञापन विश्वास बचाने का अंतिम प्रयास है। यदि आवाज अनसुनी हुई तो आंदोलन अनिश्चितकालीन, उग्र और ऐतिहासिक होगा।
इस मौके पर प्रदेश महासचिव साधना विश्वकर्मा, उर्मिला सिंह, विभा सिंह, बंदना सिंह राठौड़, सुधा जायसवाल, लक्ष्मी जायसवाल, निशा देवी, पार्वती, अमृता, ज्योति, दीपा, निर्मला सिंह, रीता कुमारी, मधु सिंह, उषा, प्रेमशीला, सरिता, प्रतिभा पटेल, मोमिना बानो, ताहिरा बानो, संगीता कुमारी, मुन्नी देवी, पाकीजा बेगम, सुशीला, कृष्णावती, राजेश्वरी, पिंकी आदि मौजूद रहीं।

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