चंदौली जिले के नौगढ़ वन रेंज के चिड़वाटांड़ जंगल में बीती रात विस्फोटक की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो गई। भैंस देवखत निवासी पशुपालक राम आश्रय यादव की थी। ग्रामीणों को आशंका है कि जंगल में वन्यजीवों के शिकार के लिए विस्फोटक लगाया गया था।
राम आश्रय यादव अपनी भैंसों को चराने जंगल गए थे। इसी दौरान एक भैंस ने जमीन पर पड़ा विस्फोटक गोला खाने या उठाने की कोशिश की और उसकी चपेट में आ गई। धमाके से भैंस की मौके पर ही मौत हो गई।
कुछ दिन पहले सुखदेवपुर गांव में भी विस्फोटक गोला खाने से एक भैंस की मौत हुई थी। लगातार दूसरी घटना के बाद भी यह पता नहीं चल पाया है कि शिकारियों को विस्फोटक कहां से मिल रहा है। जंगल में विस्फोटक कौन लगा रहा है और इसमें कौन शामिल है, इसकी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों ने वन विभाग की निगरानी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विस्फोटक से वन्यजीवों, पालतू मवेशियों और जंगल में आने-जाने वाले लोगों को खतरा है।
ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस से दोनों घटनाओं की जांच करने, विस्फोटक के स्रोत का पता लगाने और इसके इस्तेमाल में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उनका आरोप है कि अब तक जांच और कार्रवाई सामने नहीं आई है।









