ऊर्जांचल विस्थापित कल्याण समिति ने HR निदेशक को लिखा पत्र, संतोष गिरी की बहाली बकाया वेतन की मांग
शक्तिनगर (सोनभद्र)। एनटीपीसी सिंगरौली परियोजना में लगभग 15-16 वर्षों से संविदा पर पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत संतोष गिरी को बिना लिखित कारण, पूर्व नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए सेवा से हटाए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। ऊर्जांचल विस्थापित कल्याण समिति ने एनटीपीसी लिमिटेड के निदेशक (मानव संसाधन), नई दिल्ली को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
समिति के कार्यालय सचिव पंकज कुमार ने बताया कि ग्राम चिल्काडांड, रानीबारी निवासी संतोष गिरी पुत्र स्व. अक्षय पर गिरी को 12 दिसंबर 2024 को बिना लिखित कारण और विभागीय जांच के कार्य से हटा दिया गया। वर्षों से टाउनशिप में कार्य कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे संतोष के हटने से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में है, बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हुई है।
संतोष ने एनटीपीसी प्रबंधन श्रम विभाग, उप श्रम आयुक्त प्रयागराज और समाधान पोर्टल पर शिकायतें की हैं। श्रम विभाग में शिकायत संख्या (19 जनवरी 2026) तथा समाधान पोर्टल पर दर्ज है। 25 जून 2026 को श्रम न्यायालय प्रयागराज में वाद भी दाखिल किया गया है। समिति का आरोप है कि उप श्रम आयुक्त के समक्ष सुनवाई में एनटीपीसी की ओर से कोई सक्षम अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ।
समिति ने 1. उच्चस्तरीय जांच, 2. जांच कमेटी में संगठन के प्रतिनिधि को शामिल करने, 3. जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई, 4. संतोष गिरी को पूर्ववत बहाल करने और 5. हटाने की तिथि से बहाली तक बकाया वेतन व देय लाभ देने की मांग की है। पिछले चार वर्षों में पदस्थ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच मांगी गई है।
पंकज कुमार ने एक माह के भीतर जांच कमेटी गठित करने का आग्रह किया है, कार्रवाई न होने पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक माध्यम से आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी है। पत्र की प्रतिलिपि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार को भी भेजी गई है।









