सोनभद्र विकास समिति, CRY और साइबर क्राइम टीम की संयुक्त पहल, नगवा ब्लॉक के मऊकला और महिला शक्ति केंद्र में लगे जागरूकता शिविर
सोनभद्र। इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा डिजिटल ठगी से आम जनमानस को सुरक्षित रखने के लिए जनपद में जागरूकता मुहिम तेज कर दी गई है। इसी क्रम में सोनभद्र विकास समिति और चाइल्ड राइट्स एंड यू (CRY) के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस की साइबर क्राइम टीम के सहयोग से नगवा ब्लॉक के मऊकला उच्च प्राथमिक विद्यालय, स्थानीय समुदाय स्तर तथा रॉबर्ट्सगंज सदर कोतवाली के महिला शक्ति केंद्र पर ‘टिंग टोंग’ जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान साइबर विशेषज्ञों, पुलिस अधिकारियों और संस्था के कार्यकर्ताओं ने कहा कि जितनी तेजी से डिजिटल तकनीक का विस्तार हुआ है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों को मोबाइल व इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करना है। सोनभद्र विकास समिति के संस्था सचिव राजेश चौबे ने बताया कि यह अभियान जनपद स्तर पर चलाया जा रहा है। बदलते डिजिटल दौर में ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक प्रत्येक नागरिक, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को डिजिटल साक्षर व सतर्क बनाना संस्था का मुख्य संकल्प है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य ब्लॉकों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी चौपाल व शिविर लगाकर जागरूक किया जाएगा। महिला शक्ति केंद्र में विशेष फोकस – रॉबर्ट्सगंज सदर कोतवाली स्थित महिला शक्ति केंद्र पर महिलाओं और बालिकाओं की डिजिटल सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। महिला पुलिसकर्मियों और साइबर विशेषज्ञों ने फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के सुरक्षित उपयोग, प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत रखने, अज्ञात फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने और निजी तस्वीरें साझा न करने की सलाह दी। डिजिटल उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग या डीपफेक जैसी समस्या पर तुरंत पुलिस सहायता लेने की अपील की गई। स्कूल और गांव में चौपाल – मऊकला उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया ऐप्स और अनजान वीडियो कॉल के खतरों से आगाह किया गया। बच्चों को माता-पिता के बैंक खाते या एटीएम पिन की जानकारी साझा न करने की शपथ दिलाई गई। इसके बाद गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को ‘लॉटरी लगना’, ‘KYC अपडेट के नाम पर ठगी’, ‘पार्ट टाइम जॉब का झांसा’ और ‘फर्जी लोन ऐप्स’ जैसे फ्रॉड के बारे में समझाया गया। ग्रामीणों से अपील की गई कि किसी भी अनजान OTP को साझा न करें और बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने वालों के बहकावे में न आएं। पुलिस टीम ने बताया कि ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए महिला हेल्पलाइन 1090 का उपयोग करें। इस दौरान विद्यालय के शिक्षकगण, सोनभद्र विकास समिति व CRY के प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, महिलाएं एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।









