पढ़ाई-लिखाई प्रसंग से शुरू हुई तीसरे दिन की लीला, दर्शक मंत्रमुग्ध
म्योरपुर (सोनभद्र)। रामलीला मंचन के तीसरे दिन पढ़ाई-लिखाई और ताड़का वध, मारीच-सुबाहु वध का प्रसंग खेला गया।
कथा अनुसार गुरु वशिष्ठ राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न को शिक्षा देते हैं। वहीं ताड़का, मारीच, सुबाहु ने ऋषियों का यज्ञ खून-मवाद बरसाकर अपवित्र करना शुरू किया। परेशान होकर महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ के पास पहुंचे और राम-लक्ष्मण को यज्ञ रक्षा के लिए वन ले गए।
गुरु की आज्ञा पर श्रीराम ने ताड़का का वध किया, फिर उसकी मौत सुनकर आए मारीच-सुबाहु का भी संहार किया। कलाकारों के अभिनय से दर्शक मंत्रमुग्ध रहे।
इस दौरान महाप्रबंधक सुनील कुमार सिंह, अध्यक्ष मोनू जायसवाल, रामलीला मंडली अध्यक्ष शनि अग्रहरी, मीडिया प्रभारी पंकज सिंह, व्यास आशीष अग्रहरी (बिट्टू), अजय अग्रहरी (सोनू), सुजीत, संदीप, नमन, रंजन, नीरज सहित कमेटी सदस्य मौजूद रहे।









