सोनभद्र के दुष्यंत शिवनारायण ‘शिव’ के तीन गजल संग्रहों का विमोचन, साहित्य समारोह में जुड़े साहित्यकार
सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज)। विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के तत्वावधान में सोनभद्र के दुष्यंत के नाम से प्रसिद्ध गजलकार शिवनारायण “शिव” के तीन गजल संग्रह ‘कश्तियां प्यार की’, ‘अश्क क्यों छलकते हैं’ और ‘याद तेरी क्यों आई’ का विमोचन शिवभवन निज आवास पर हर्षोल्लास से हुआ।
शुभारंभ गीतकार ईश्वर विरागी की सरस्वती वंदना से हुआ। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पारस मिश्रा ने की, जिन्होंने कहा कि वर्तमान में गजल संग्रह प्रकाशन महत्वपूर्ण कार्य है। मुख्य अतिथि सुशील “राही” ने कहा कि साहित्य में प्रदूषण चरम पर है, सच्चे साहित्यकारों को निष्ठा से योगदान देना चाहिए। इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी ने कहा कि भारतीय साहित्य मूलतः काव्यमय है और वैदिक श्लोकों से शुरू हुआ।
समारोह में जगदीश पंथी, अमरनाथ अजेय, राकेश शरण मिश्रा, शैलेंद्र वर्मा, विमला देवी, कौशल्या कुमारी चौहान, अलका केसरी सहित कई साहित्यकार मौजूद रहे।









