टैंकर के भरोसे प्यास बुझाने को मजबूर यात्री
म्योरपुर, सोनभद्र। क्षेत्र के प्रमुख म्योरपुर रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे प्रतिदिन आवागमन करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजपुर, बभनी, म्योरपुर समेत दर्जनों गांवों के लोग इस स्टेशन का उपयोग करते हैं, लेकिन यहां पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नदारद हैं।
अंधेरे में डूबा रहता है प्लेटफार्म, खुले में शौच को मजबूर महिलाएं
स्टेशन पर बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं होने से शाम होते ही प्लेटफार्म अंधेरे में डूब जाता है। सबसे बुरी स्थिति शौचालय की है। शौचालय न होने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत होती है और यात्रियों को खुले में शौच जाने को मजबूर होना पड़ता है। साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी यात्रियों में भारी नाराजगी है।
स्थायी नल नहीं, टैंकर से आ रहा पानी
पेयजल की स्थिति और भी चिंताजनक है। स्टेशन पर स्थायी पेयजल व्यवस्था के नाम पर पिछले कई महीनों से सिर्फ टैंकर से पानी मंगाकर काम चलाया जा रहा है। यात्रियों का सवाल है कि क्या करोड़ों की कमाई करने वाला रेलवे म्योरपुर के यात्रियों को एक नल तक नहीं दे सकता?
रेलवे लाइन पार कर स्कूल जाने को मजबूर मासूम, हादसे का डर
स्टेशन के पास रहने वाले स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार कर स्कूल जाना पड़ता है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन सुरक्षित फुट ओवरब्रिज या आवागमन की कोई व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में स्टेशन प्रबंधक मिथिलेश शर्मा ने बताया कि पानी समेत अन्य समस्याओं से उच्चाधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है। फिलहाल टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है।बयात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन सिर्फ ट्रेन पकड़ने की जगह नहीं है, यात्रियों को बुनियादी सुविधा देना भी रेलवे की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि म्योरपुर स्टेशन को कब स्थायी पेयजल, बिजली, शौचालय और सुरक्षित पैदल रास्ते की सौगात मिलती है।









