सनातन संस्कृति के उत्थान का लिया संकल्प
घोरावल, सोनभद्र। शिवद्वार मंदिर, ग्राम पंचायत सत्तद्वारी, तहसील घोरावल में अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर ऐतिहासिक रामलीला के 63वें वर्ष के मुकुट पूजन का आयोजन श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
आचार्य शिवानंद शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रामलीला के मुकुट पूजन की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न कराई। पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने और क्षेत्र की गौरवशाली रामलीला परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करना, सामाजिक एकता एवं सद्भाव को बढ़ावा देना, लोककल्याण की भावना को जागृत करना और सनातन संस्कृति के उत्थान के साथ क्षेत्र में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करना रहा।
वक्ताओं ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मर्यादा, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग, सेवा, कर्तव्य और भाईचारे की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर अंगद विश्वकर्मा, सच्चिदानंद मिश्र, राजेश्वर राम शुक्ल, गणेश विश्वकर्मा, सुनील कुमार दुबे, शिवनारायण दुबे, गोपाल मणि शुक्ल, ओम प्रकाश दुबे, जगदीश मिश्र, सूर्यकांत दुबे, धीरेन्द्र मिश्र, श्रीनिवास दुबे, अमित मिश्रा, इंद्रकांत दुबे प्रवीण, रविंद्र नाथ पाठक, व्यास श्यामानंद मिश्र, अनिल कुमार दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।






