प्रेम भाई ने आदिवासी समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य स्वावलंबन की रखी मजबूत नींव

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

, गोविंद बल्लभ पंत और धीरेंद्र मजूमदार को भी किया याद

म्योरपुर/सोनभद्र। म्योरपुर ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम के विचित्र महाकक्ष में गुरुवार को तीन महापुरुषों की जयंती प्रेरणा स्थल पर सर्वधर्म प्रार्थना के साथ मनाई गई। सूबे के प्रथम मुख्यमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी गोविंद बल्लभ पंत, आदिवासी समाज में विकास की नींव रखने वाले प्रेम भाई और गांधी आंदोलन के सहयोगी धीरेंद्र मजूमदार के जन्मदिवस पर विचार गोष्ठी हुई। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि प्रेम भाई ने सोनभद्र के वनवासी-आदिवासी समाज के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में जीवनभर काम किया। ग्रामीणों को अधिकारों के प्रति जागरूक कर स्वावलंबन की राह दिखाई। उनका जीवन गांधीवादी विचारों और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प को समर्पित रहा। वक्ताओं ने कहा कि गोविंद बल्लभ पंत ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश-प्रदेश के निर्माण में अहम भूमिका निभाई, वहीं धीरेंद्र मजूमदार ने गांधीवादी रचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाया। उनके विचार आज भी प्रेरणास्रोत हैं। विचार गोष्ठी में सर्वजीत सिंह, प्रदीप पांडेय, देवनाथ, विमल सिंह ने विचार रखे और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया। इसके अलावा चेतवा, फरीपान, खैराही, बाकुलिया, बभनी, जुगैल, गुलालीडीह, अंजनिया, बगाड़ू आदि स्थानों पर भी कार्यक्रम हुए। इस दौरान डॉ. विभा, शुभा प्रेम, जगतनारायण विश्वकर्मा, चांद तारा, नीरा देवी, लाल बहादुर, नीता, विजय कन्नौजिया, सुरेश कुमार, प्रेमदयाल, मुलायम, मनीष सहित कई लोग मौजूद रहे। संचालन शिव शरण सिंह ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1542
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?