करमा ब्लॉक के पतेरी गांव का मामला, नाली पर अतिक्रमण का आरोप
सोनभद्र। करमा ब्लॉक के पतेरी गांव में सरकारी नाली पर कथित अतिक्रमण से करीब 50 बीघा कृषि भूमि की सिंचाई व्यवस्था ठप हो गई है। नाली बंद होने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर नाली को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार पतेरी में नाई बस्ती के पास सरकारी सड़क के पूरब तरफ चकबंदी अभिलेखों में गाटा संख्या 0179 में सरकारी नाली दर्ज है। इसी नाली से आसपास के खेतों में सिंचाई होती थी। आरोप है कि गांव के ही कामता प्रसाद, अर्जुन, विनय कुमार और नंदलाल ने नाली पर कब्जा कर लिया है। खोदाई करने पर भी रोक दिया जाता है।
किसानों का कहना है कि बरसात के पानी की निकासी और खेतों तक पानी पहुंचाने में इस नाली की अहम भूमिका है। अतिक्रमण से सिंचाई बाधित है और जल निकासी भी नहीं हो पा रही। समय रहते नाली कब्जामुक्त नहीं हुई तो फसल को नुकसान होगा।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में उपजिलाधिकारी को भी प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब DM से राजस्व अभिलेखों के आधार पर पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटवाने की मांग की गई है।
प्रार्थना पत्र देने वालों में जितेंद्र गुप्ता, मोहनलाल, विभूति नारायण, श्रीचरन, रमाशंकर, प्रेमनाथ, अजीत कुमार, बृजेश कुमार, उमेश कुमार, श्यामसुंदर शर्मा आदि शामिल रहे।






