चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र के अमदहां गांव में गुरुवार को काली माता मंदिर के समीप नहर में मगरमच्छ मृत मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पानी में मगरमच्छ के उतराए शव को देखकर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से रस्सी के सहारे मृत मगरमच्छ को नहर से बाहर निकाला। इसके बाद उसे वाहन से पशु अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम कराया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, अमदहां गांव के काली माता मंदिर के पास नहर में सोमवार से मगरमच्छ लगातार दिखाई दे रहा था। कई बार वह नहर से निकलकर खेतों की ओर भी पहुंच जाता था। इससे किसानों और आसपास रहने वाले ग्रामीणों में भय बना हुआ था। मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना वन विभाग को दी गई थी। वन विभाग की टीम लगातार उसे पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने के प्रयास में जुटी थी, लेकिन मगरमच्छ के बार-बार पानी में चले जाने के कारण रेस्क्यू नहीं हो पा रहा था।
गुरुवार दोपहर ग्रामीणों ने मगरमच्छ को नहर के पानी में मृत अवस्था में उतराया देखा। इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की सहायता से उसे बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रेंजर अमित श्रीवास्तव ने बताया कि मगरमच्छ की मौत नहर में ही हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसकी उम्र अधिक होने के कारण मौत होना सामने आया है। हालांकि, मामले में आगे की जांच की जा रही है।
मगरमच्छ की मौत के बाद ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि नहर में लंबे समय से मगरमच्छ की मौजूदगी के कारण किसानों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। उसकी मौत से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, वहीं वन्यजीव प्रेमियों में एक वन्यजीव के खत्म होने को लेकर निराशा भी देखने को मिली।






