“पूर्व कुलपति प्रो. प्रदीप मिश्र को तुलसी सम्मान-2026, साहित्यकारों ने तुलसी की प्रासंगिकता पर दिए विचार”
सोनभद्र। राष्ट्रीय संचेतना समिति, सोनभद्र के तत्वावधान में बुधवार को नगर पालिका सभागार में तुलसी जयंती समारोह-2026 का गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में गोस्वामी तुलसीदास के साहित्य, भारतीय संस्कृति, लोकमंगल और हिंदी साहित्य में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि परिचय एवं स्वागत के साथ हुआ। ईश्वर विरागी की सरस्वती वंदना से सभागार भक्तिमय हो गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक हर्ष अग्रवाल मुख्य अतिथि रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पंडित पारसनाथ मिश्र ने की। संचालन भोला नाथ मिश्र ने किया।
विशिष्ट अतिथियों में पूर्व कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र, लेखिका डॉ. रचना तिवारी, राष्ट्रीय लेखक डॉ. मनोकामना शुक्ला तथा चिंतक डॉ. अवधेश दीक्षित शामिल रहे।
समारोह का मुख्य आकर्षण सम्मान समारोह रहा: तुलसी सम्मान-2026 पूर्व कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र, सरस्वती श्री सम्मान, डॉ. रचना तिवारी,दयाराम पाण्डेय स्मृति सम्मान डॉ. मनोकामना शुक्ला
गुप्त काशी विकास परिषद के अध्यक्ष पंडित आलोक कुमार चतुर्वेदी ने सम्मानित विभूतियों के साहित्यिक एवं सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान कवि शिव नारायण ‘शिव’ और कवि बृजेश महादेव की पुस्तकों का विमोचन भी हुआ।
साहित्यिक सत्र में समिति के निदेशक पंडित जगदीश पंथी ने कहा कि रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों का जीवंत दस्तावेज है।
मुख्य अतिथि हर्ष अग्रवाल ने कहा कि तुलसी साहित्य को जन-जन तक पहुंचाकर युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ना आवश्यक है। तुलसी का साहित्य आज भी सत्य, मर्यादा, सेवा, त्याग और लोककल्याण का मार्ग दिखाता है।
पूर्व कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र ने कहा कि तुलसीदास का साहित्य केवल भक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने और हर व्यक्ति के कल्याण का महाअभियान है।
अध्यक्षीय संबोधन में पंडित पारसनाथ मिश्र ने तुलसी साहित्य को भारतीय मानस की अक्षय धरोहर बताया। डॉ. रचना तिवारी और डॉ. मनोकामना शुक्ला ने साहित्य-समाज में रचनाकारों की भूमिका पर विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय संचेतना समिति के अध्यक्ष रमेश देव पाण्डेय ने सभी अतिथियों और उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह में अजय चतुर्वेदी कक्का, डॉ. अनूप कुमार मिश्रा, डॉ. लखन राम जंगली, डॉ. कुसमाकर, बिमलेश त्रिपाठी, राकेश शरण मिश्र सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।






