“जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे” विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसानों का उग्र प्रदर्शन, संदीप मिश्रा बोले : ‘संघर्ष जारी रहेगा’

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अमित मिश्रा

सोनभद्र। घोरावल विधानसभा क्षेत्र के बनौरा गांव में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे को लेकर किसानों का विरोध तेज होता नजर आया। सैकड़ों किसानों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने का संकल्प दोहराया।

प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने किया। उन्होंने सरकार पर किसानों के शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि को प्रभावित किया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार की जिम्मेदारी किसानों के हितों और अधिकारों की रक्षा करना है, लेकिन किसानों को अपनी जमीन बचाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

संदीप मिश्रा ने कहा कि किसान अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों के जमीन और अधिकार सुरक्षित नहीं होते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं का समाधान करने और उनकी आवाज सुनने की मांग की।

“जान भले चली जाए, पुश्तैनी जमीन नहीं देंगे”

प्रदर्शन में शामिल किसान बबलू कुमार ने कहा कि एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित निर्माण से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा, “जान भले चली जाए, लेकिन अपनी पुश्तैनी जमीन नहीं देंगे। एक्सप्रेस-वे से किसानों को भारी नुकसान होगा और हम अंतिम दम तक इसका विरोध करेंगे।”

किसान रुपेश दूबे ने आरोप लगाया कि किसानों के अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुश्तैनी जमीन किसानों की सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बचाने के लिए आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

वहीं रामसिंह पटेल और पूर्व प्रधान शकील अहमद ने भी किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना था कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास की कीमत किसानों के अधिकारों और आजीविका की कीमत पर नहीं होनी चाहिए।

आंदोलन और व्यापक करने की चेतावनी

सभा को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से उठाते रहेंगे और सरकार से बातचीत के माध्यम से समाधान की मांग करेंगे।

प्रदर्शन के अंत में किसानों ने एकजुट होकर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

कार्यक्रम में बबलू प्रधान, रामसिंह पटेल, प्रधान जी, शकील अहमद, सुरेश मौर्य, दिनेश चेरो, आकाश चौहान, विजय चौहान सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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