सोनभद्र। उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था के बैनर तले पेंशनरों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। पेंशनरों ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के विचारणीय बिंदुओं में 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों के पेंशन पुनरीक्षण को शामिल करने की मांग की।
संस्था के अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ने कहा कि आठवें वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना में पेंशन पुनरीक्षण का बिंदु शामिल नहीं होने से पेंशनरों में चिंता है। सातवें वेतन आयोग की तरह आठवें वेतन आयोग में भी पुराने पेंशनरों को सभी लाभ दिए जाने का स्पष्ट आदेश जारी किया जाना चाहिए ताकि भेदभाव न हो।
जिला मंत्री ई. एएन सिंह ने कहा कि कोरोना काल में रोके गए 18 माह के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के अवशेष का भुगतान किया जाए। वरिष्ठ नागरिकों व पेंशनरों को रेल और विमान किराए में पहले मिलने वाली छूट बहाल की जाए और पेंशन राशिकरण की कटौती अवधि 15 वर्ष से घटाकर अधिकतम 11 वर्ष की जाए।
ज्ञापन में केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों से संबंधित प्रावधानों को वापस लेने और 80 वर्ष की आयु पर मिलने वाली 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन के स्थान पर 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर क्रमशः 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई।
धरने में माता प्रसाद, परमानंद मिश्रा, रामविलास, कन्हैया लाल चौरसिया, के. राम, सुरेश कुमार, नंद कुमार शर्मा, शिवनाथ शर्मा, राजनारायण, प्रेम कुमार, देव नारायण सिंह, मोतीलाल सिंह, रामदुलारे, ई. राधेश्याम सिंह, पीएन यादव और डॉ. केके सिंह सहित कई पेंशनर मौजूद रहे।







