मानव उत्थान सेवा समिति उरमौरा में हर्षोल्लास से मनाया गया गुरुपूजा महोत्सव
साध्वी कुन्ती बाई जी ने बताया गुरु-शिष्य के समर्पण का महत्व
सोनभद्र। मानव उत्थान सेवा समिति, शाखा आश्रम उरमौरा, राबर्ट्सगंज के तत्वावधान में गुरुपूजा महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
मानव धर्म के प्रणेता सद्गुरुदेव श्री सतपाल महाराज की परम शिष्या साध्वी कुन्ती बाई के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में दूर-दराज से आए हुए भक्तों ने भाग लिया।
साध्वी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु का अर्थ इतना व्यापक एवं महान है कि विश्व के शब्दकोष में इसका वर्णन नहीं है। गुरु उस महान पुरुष को कहा जाता है जो शिष्य के मोहरूपी अज्ञान अंधकार को मिटाकर ज्ञान रूपी प्रकाश से परमात्मा के परम स्वरूप का दिग्दर्शन करा दे।
उन्होंने कहा कि गुरु और शिष्य का नाता समर्पण का नाता है। जिसका गुरु के प्रति जितनी श्रद्धा, प्रेम और समर्पण होता है उतनी ही गुरु की कृपा शिष्य पर होती है। इस अवसर पर साध्वी महात्मा प्रभाती बाई ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के अंत में विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। इसे सफल बनाने में हरिश्चन्द्र, रवि केशरी, रमेश नाथ पाठक, नागेन्द्र सिंह, बिन्दु केशरी, आनन्द , बालमुकुन्द सिंह आदि ने मुख्य रूप से सहयोग प्रदान किया।






