व्यवस्था परिवर्तन का बिगुल: जनहित संकल्प पार्टी की न्याय यात्रा में शक्ति प्रदर्शन, सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

O- सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना, महिलाओं को 50% राजनीतिक भागीदारी और रोजगार की कानूनी गारंटी को बनाया चुनावी एजेंडा

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)।  आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में जनहित संकल्प पार्टी (JSP) ने सोनभद्र के घोरावल विधानसभा क्षेत्र से अपनी ‘सरदार पटेल एकता रथ न्याय यात्रा’ निकालकर चुनावी अभियान का आगाज किया। हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी में निकली इस यात्रा के जरिए पार्टी ने सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना, ओबीसी अधिकार, महिला सशक्तिकरण और रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान पार्टी ने प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया।

यात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ सैकड़ों चारपहिया वाहनों का काफिला शामिल रहा। पार्टी नेताओं ने इसे जनसमर्थन और संगठन की ताकत का प्रदर्शन बताया। घोरावल में आयोजित जनसभा में राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आर. एस. पटेल ने प्रदेश सरकार पर सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए व्यवस्था परिवर्तन का आह्वान किया।

अपने संबोधन में डॉ. पटेल ने कहा कि देश में जातीय जनगणना कराई जाए और उसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम जोड़ा जाए, ताकि वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति के आधार पर नीतियां बनाई जा सकें। उन्होंने महिलाओं को 50 प्रतिशत राजनीतिक भागीदारी, ‘एक देश-एक शिक्षा-एक सिलेबस’ व्यवस्था लागू करने तथा ‘हर घर को नौकरी, हर हाथ को रोजगार’ की कानूनी गारंटी देने की भी मांग उठाई।

जनसभा के बाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। पार्टी का कहना है कि उसका आंदोलन केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और समान भागीदारी के मुद्दों पर प्रदेशभर में अभियान जारी रहेगा।

डॉ. आर. एस. पटेल ने दावा किया कि जनहित संकल्प पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी और प्रदेश में एक वैकल्पिक राजनीतिक विकल्प के रूप में जनता के बीच जाएगी।

हालांकि, पार्टी द्वारा किए गए दावे और जनसमर्थन के आकलन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। आगामी चुनाव में इन मुद्दों का राजनीतिक प्रभाव कितना पड़ेगा, इसका फैसला अंततः मतदाता करेंगे।

Leave a Comment

1506
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?