म्योरपुर ब्लॉक में अवैध क्लीनिकों की भरमार, स्वास्थ्य विभाग अब तक मौन क्यों..?

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आदिवासी-गरीब मरीजों से वसूली जा रही मनमानी रकम, जांच और कार्रवाई की मांग

सोनभद्र। दक्षिणांचल के म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आरंगपानी, नौडिहा, किरविल, काचन, म्योरपुर कस्बा, आश्रम मोड़, मनबसा, जामपानी, लिलासी सहित शक्तिनगर, रेणुसागर, अनपरा, रेणुकूट में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। क्षेत्र में गरीब आदिवासी और अन्य वर्ग के लोग निवास करते हैं। मौसम बदलते ही सर्दी, जुकाम, बुखार, वायरल फीवर के मरीजों से ये अवैध क्लीनिक संचालक दवाइयों के नाम पर मनमानी रकम वसूल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार यहां छोटे-बड़े कई क्लीनिक बिना डिग्री और बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संचालकों के पास न तो कोई ठोस डिग्री है और न ही उच्च अधिकारियों से कोई अनुमति ली गई है। जानकारी के अभाव में गरीब मरीजों को मनमाने ढंग से दवाइयां दी जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जिले के अन्य क्षेत्रों में कुछ महीने पहले अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन म्योरपुर क्षेत्र में न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई। चर्चा है कि कुछ क्लीनिक संचालक स्वास्थ्य विभाग के  अधिकारियों व झोला छाप नोडल को महीना के नाम पर सुविधा शुल्क देकर अपना काम चला रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने सवाल उठाया है कि गरीब दलित-आदिवासी मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले इन अवैध क्लीनिकों पर आखिर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अवैध क्लीनिकों की जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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