नवीन कुमार
एसडीएम के आश्वासन पर 3 घंटे बाद हटा जाम,
ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि व बिजली विभाग के अधिकारी ने किया मृतक के परिवार की आर्थिक मदद
कोन(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले मिश्री गांव में सोमवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सोमवार दोपहर करीब एक बजे मिश्री गांव में संविदा लाइनमैन वीरेंद्र कुमार 11 हजार वोल्ट की हाईवोल्टेज लाइन का जम्फर जोड़ रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली सप्लाई चालू हो जाने से वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां गंभीर स्थिति देखते हुए वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया था जहां इलाज के दौरान सोमवार की ही रात करीब आठ बजे उन्होंने दम तोड़ दिया था।
वही इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर मंगलवार शाम साढ़े छह बजे शव पहुंचते ही विद्युत उपकेंद्र कोन के सामने कोन तेलगुड़वा मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
तीन घंटे तक ठप रहा आवागमन,मौके पर पहुंचे आलाधिकारी
शव सड़क पर रखे जाने के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जाम की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी (एसडीएम) विवेक कुमार, क्षेत्राधिकारी (सीओ) ओबरा और बिजली विभाग के एसडीओ धीरेंद्र कुमार कौशल और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण ठोस आर्थिक मदद और जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे यही स्थिति करीब तीन घंटे तक चलती रही, जिससे रात साढ़े नौ बजे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
प्रशासन और बिजली विभाग ने की बड़े मुआवजे की घोषणा
मामले को शांत कराने के लिए उपजिलाधिकारी विवेक कुमार ने परिजनों को हरसंभव सरकारी मदद का भरोसा दिया। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि बिजली विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इसके अलावा, मृतक के दो बच्चों की पढ़ाई के लिए चार-चार हजार रुपये प्रति माह, पत्नी को मुख्यमंत्री आवास और वृद्ध माता-पिता को एक हजार रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी। एसडीएम ने इस लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच कराने के भी आदेश दिए।वहीं, बिजली विभाग के एसडीओ धीरेंद्र कुमार कौशल ने विभाग की तरफ से मृतक की पत्नी को 7500 रुपये प्रति माह पेंशन और तीनों बच्चों की शिक्षा के लिए 1800-1800 रुपये प्रति माह दिलाने की घोषणा की।
अंतिम संस्कार के लिए मिली नकद सहायता,
परिजनों की तत्कालिक मदद के लिए ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शशांक शेखर मिश्रा ने दाह संस्कार हेतु 10,000 रुपये नकद दिए। इसके साथ ही एसडीओ ने भी अपनी ओर से 15,000 रुपये की नकद सहयोग राशि सौंपी। अधिकारियों के इन आश्वासनों के बाद रात साढ़े नौ बजे परिजनों ने जाम समाप्त किया।
इसके बाद बुधवार की सुबह क्षेत्र के शमशान घाट पर गमगीन माहौल और नम आंखों के बीच मृतक वीरेंद्र कुमार का अंतिम संस्कार कर दिया गया।




