काव्य संध्या के साथ मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती, कवियों ने वीर रस से बांधा समां

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

सोन संगीत फाउंडेशन का आयोजन, डॉ. धर्मवीर तिवारी की अध्यक्षता में कमलेश सिंह खांबे रहे मुख्य अतिथि

सोनभद्र। सोन संगीत फाउंडेशन की ओर से मेवाड़ केसरी महाराणा प्रताप की जयंती पर मातृभूमि को समर्पित काव्य संध्या का आयोजन शनिवार शाम को शहर में किया गया। आयोजन की अध्यक्षता पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी व मुख्य अतिथि समाजसेवी कमलेश सिंह खांबे ने महाराणा प्रताप के छायाचित्र पर दीपदान व माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत आगाज किया।
आयोजक सुशील मिश्रा ने भारत भारती की वंदना करते हुए “देशवा के खातिर देहले परनवां, बचाइ लेले हो भारत माता के शनवां” सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। संयोजन कर रहे शहीद स्थल करारी प्रमुख प्रद्युम्न त्रिपाठी एडवोकेट ने “राणा का रण देख देख हल्दीघाटी थर्राती है, भामाशाह बने साथी हिंद की ए परिपाटी है, घास की रोटी खाकर भी आन बान हित रहे सदा, राजस्थान भाल मेरा धन्य धन्य यह माटी है” सुनाकर पूरी महफिल लूट ली।
अशोक तिवारी संचालक ने “जो सिक्कों की खनक पर बिक जाए, वो मेरी नजर में हुस्न नहीं” सुनाकर श्रोताओं को लुभाया। धर्मेश चौहान एडवोकेट ने देश वंदना करते हुए “बड़ा ही सुंदर मेरा वतन है” सुनाकर मुखर अभिव्यक्ति दी। सुधाकर पांडेय स्वदेश प्रेम, दिलीप सिंह दीपक, विवेक चतुर्वेदी, दयानंद दयालू ने भी वीर रस की रचनाओं से त्याग, वीरता व पराक्रम के अद्वितीय योद्धा को नमन किया।
अंत में मुख्य अतिथि कमलेश सिंह खांबे ने राणा प्रताप को समर्पित वक्तव्य दिया तथा अध्यक्षता कर रहे डॉ. धर्मवीर तिवारी के आशीर्वचन से कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर जय शंकर त्रिपाठी एडवोकेट, लालता प्रसाद मिश्र, आत्म प्रकाश तिवारी एडवोकेट, देवानन्द पांडेय एड, राकेश दूबे एड, फारुख अली हाश्मी, ऋषभ आदि मौजूद रहे।

IMG 20260928 WA0019
IMG 20260928 WA0020

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1545
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?