बेसिक शिक्षा की अप्रैल माह रैंकिंग जारी, कोन ब्लॉक अव्वल, नगवां दूसरे और रॉबर्ट्सगंज तीसरे स्थान

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डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान डैशबोर्ड से हुई मॉनिटरिंग, शिक्षक उपस्थिति 89.10% और 100% पुस्तक वितरण का लक्ष्य पूरा

सोनभद्र। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गुणवत्ता सुधार के लिए जनपद में लागू “डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान प्रोग्रेस मॉनिटरिंग डैशबोर्ड” की अप्रैल 2026 माह की रैंकिंग जारी कर दी गई है।
नवीनतम परिणामों के अनुसार विकास खंड कोन ने 56.52 के औसत स्कोर के साथ जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। खंड शिक्षा अधिकारी विश्वजीत कुमार के नेतृत्व में इस ब्लॉक ने निपुण स्कूल असेसमेंट एवं शिक्षक उपस्थिति जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं धनञ्जय सिंह के नेतृत्व वाले नगवां ब्लॉक ने दूसरा तथा महेन्द्र कुमार मौर्य के नेतृत्व वाले रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।


इस पहल के कारण आकांक्षी जिला होने के बावजूद सोनभद्र आज डिजिटल छात्र उपस्थिति और शैक्षिक पारदर्शिता के मामले में प्रदेश के अग्रणी जनपदों की कतार में खड़ा है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के अक्टूबर, नवंबर एवं दिसंबर माह में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 18 सूचकों पर विद्यालयों की प्रगति की सघन मॉनिटरिंग की गई थी। सफल प्रयोग के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इसे व्यापक स्वरूप दिया गया है।
वर्तमान में यह डैशबोर्ड ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण असेसमेंट, छात्र उपस्थिति, शिक्षक उपस्थिति तथा अन्य शैक्षिक मानकों सहित 18 संकेतकों के कुल 26 डाटा पॉइंट्स पर ब्लॉकों की प्रगति का रियल-टाइम विश्लेषण कर रहा है। अब प्रत्येक ब्लॉक में प्रति माह श्रेष्ठ शिक्षकों एवं संकुल शिक्षकों को सम्मानित किया जाना अनिवार्य किया गया है। छात्र स्तर पर हर माह “स्टार ऑफ द मंथ” छात्र चयन की व्यवस्था भी लागू की गई है।
डिजिटल पहल ने दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले म्योरपुर एवं दुद्धी जैसे ब्लॉकों की चुनौतियों को भी सामने लाया है। नामांकन एवं छात्र उपस्थिति जैसे संकेतकों पर ये ब्लॉक क्रमशः 10वीं और 9वीं रैंक पर रहे हैं। जनपद में शिक्षकों की औसत उपस्थिति 89.10 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि सभी ब्लॉकों द्वारा 100 प्रतिशत पाठ्यपुस्तक वितरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय का कहना है कि विद्यालयों के लिए प्रमुख दैनिक कार्यों की चेकलिस्ट उपलब्ध कराई गई है। प्रार्थना सभाओं की नियमितता, वार्षिकोत्सव आयोजन तथा “उल्लास” ऐप पर साक्षरता पंजीकरण की डिजिटल रिपोर्टिंग ने विद्यालयों को समुदाय और प्रशासन से जोड़ दिया है। उनके अनुसार, डिजिटल छात्र उपस्थिति और शैक्षिक डेटा के कुशल प्रबंधन के साथ शिक्षकों-छात्रों को प्रोत्साहित करने की यह अभिनव पहल “सोनभद्र मॉडल” को प्रदेश की एक प्रभावी “बेस्ट प्रैक्टिस” के रूप में स्थापित करेगी।

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