अमित मिश्रा
O- गौतस्करी से साइबर क्राइम तक समीक्षा, DGP बोले, अपराधियों की खैर नहीं
O- जनता का भरोसा सबसे ऊपर: DGP ने संवेदनशील पुलिसिंग पर दिया जोर
मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) । राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से मिर्जापुर स्थित अष्टभुजा डाक बंगले में जोन स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की। इस उच्चस्तरीय बैठक में पीयूष मोर्डिया सहित विंध्याचल एवं वाराणसी रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, दोनों रेंज के पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान डीजीपी ने गौतस्करी, संगठित अपराध और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चल रहे मिशन शक्ति अभियान की प्रगति का भी विस्तार से मूल्यांकन किया गया। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
अपराध नियंत्रण के आधुनिक उपायों पर जोर देते हुए डीजीपी ने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग को और बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए अपराध पर नियंत्रण और निगरानी को और मजबूत किया जाए। साथ ही साइबर अपराधों की रोकथाम, आमजन में जागरूकता बढ़ाने, ई-साक्ष्य के बेहतर उपयोग और जन शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पुलिस का व्यवहार आम जनता के प्रति संवेदनशील, मर्यादित और सहयोगात्मक होना चाहिए, ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास और मजबूत हो सके।
यह बैठक प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आगामी समय में अपराध नियंत्रण की रणनीति को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







