टोल प्लाजा पर बवाल: महिला से मारपीट के आरोप के बाद भड़का आक्रोश, हंगामा और तोड़फोड़

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अमित मिश्रा (ब्यूरोचीफ़)

सोनभद्र। राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी स्थित टोल प्लाजा पर महिला के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। घटना के बाद जहां पीड़िता ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है, वहीं आक्रोशित लोगों, सामाजिक संगठनों और अधिवक्ताओं के प्रदर्शन से टोल प्लाजा पर हालात तनावपूर्ण हो गए।

घटना का पूरा क्रम

जानकारी के अनुसार, पीड़िता आरती पाण्डेय अपने परिजनों के साथ निजी वाहन से यात्रा कर रही थीं। लोढ़ी टोल प्लाजा पर टोल शुल्क को लेकर टोलकर्मियों से कहासुनी हुई, जो जल्द ही विवाद में बदल गई। आरोप है कि चार से पांच टोलकर्मियों ने महिला के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। बीच-बचाव करने आए परिजनों के साथ भी कथित तौर पर हाथापाई की गई।

पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान टोलकर्मियों ने जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वह और उनका परिवार भयभीत हो गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पीड़िता के अनुसार तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी और बढ़ गई।

पीड़ित अधिवक्ता आरती पाण्डेय ने पुलिस को दिये प्रार्थना पत्र में बताया कि वाहन से UP64 AU 9142 कार से नवीन कुमार सिंह, गरिमा सिंह व अवनीश दुबे के साथ आज ओबरा जा रहे थे। स्टेट हाइवे 5A हाथीनाला – नारायनपुर मार्ग पर रावर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी में एसीपी टोल कम्पनी के कर्मचारियों ने जाम लगने का कारण पूछने पर मारपीट किया। महिला अधिवक्ता ने बताया कि उनके साथ के नवीन सिंह ने टोल बूथ काउंटर पर जाम लगने का कारण पूछने पर टोल कर्मी उन्हें भद्दी भद्दी गली देने लगे। जिस पर नवीन सिंह ने गाली देने का विरोध किया, तभी राम जी तिवारी पुत्र जय नारायण तिवारी निवासी भौली थाना कुरारा जिला हमीरपुर , सर्वेश यादव पुत्र शिवशंकर यादव ,निवासी करमीशिपुर थाना – मालीपुर जिला -अम्बेडकरमगर व अन्य टोल कर्मी लगभग सात-आठ की संख्या में लाठी डंडा व राड लेकर हमला कर दिया। शोरगुल सुन और भगदड़ देख वह गरिमा सिंह और अवनीश दुबे के साथ पहुंची तो हम लोगों को भी मारने पीटने लगे। इस दौरान टोल कर्मियों ने महिला अधिवक्ता धक्का दिए तो वही नवीन सिंह के सिर पर चोटे आयी जिससे वह खून से लथपथ हो गया। इस मारपीट के दौरान महिला अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि एसीपी टोल कर्मियों ने उसे व गरिमा सिंह को धक्का देकर गिरा दिया जिससे कपड़े अस्त व्यस्त हो गए और लज्जा भंग हुई। इतना ही नही टोलकर्मियों ने ऊपर टोल कार्यालय में भी ले जाकर मारपीट किये और जान से मारने की धमकी दिये। वही लोगो के हस्तक्षेप से महिला अधिवक्ता व अन्य साथ के लोग किसी तरह जानबचा कर भागे।

प्रदर्शन और हंगामा

मामले की जानकारी फैलते ही सवर्ण आर्मी और अधिवक्ताओं ने टोल प्लाजा पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने महिला के साथ मारपीट की घटना को गंभीर बताते हुए दोषी टोलकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा हुआ और तोड़फोड़ की भी खबर है, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।

प्रशासन की भूमिका

पीड़िता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उधर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

उठे गंभीर सवाल

यह मामला केवल एक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि टोल प्लाजा पर यात्रियों की सुरक्षा, कर्मचारियों के व्यवहार और प्रशासनिक निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के साथ इस तरह की घटनाएं आम लोगों के भरोसे को झकझोरने वाली मानी जा रही हैं।

फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस सतर्क है। सभी की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।

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