अभिषेक अग्रहरी
O- 26 दिसंबर को ‘ओबरा नगर बंद’ का आह्वान, व्यापारियों ने दिया पूर्ण समर्थन
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)। औद्योगिक प्रदूषण, चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं और जर्जर शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ उत्तर प्रदेश के ओबरा नगर से एक मजबूत जनआंदोलन की आहट राष्ट्रीय स्तर पर सुनाई देने लगी है। ओबरा को प्रदूषण-मुक्त बनाने और नागरिक सुविधाओं को पटरी पर लाने के उद्देश्य से आगामी 26 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित ‘ओबरा नगर बंद’ को सफल बनाने के लिए सोन चेतना सामाजिक संगठन ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है।

इसी क्रम में संगठन के पदाधिकारियों ने ओबरा के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र चोपन रोड पर घर-घर और दुकान-दुकान जाकर व्यापक संपर्क अभियान चलाया। इस दौरान व्यापारियों और आम नागरिकों को 26 नवंबर की प्रस्तावित न्याय पदयात्रा के उद्देश्यों से अवगत कराते हुए प्रशासन की उदासीनता को रेखांकित किया गया। संगठन ने बताया कि औद्योगिक परियोजनाओं से निकलने वाली राख और जहरीले प्रदूषण ने ओबरा के जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
व्यापारियों का ऐतिहासिक समर्थन
जनसंपर्क अभियान के दौरान चोपन रोड के व्यापारियों ने एकजुट होकर इस आंदोलन को अपना समर्थन देने की घोषणा की। दुकानदारों ने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई किसी संगठन या व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे ओबरा नगर के अस्तित्व और भविष्य की है। व्यापारियों ने आश्वासन दिया कि 26 दिसंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक वे अपने प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे।
प्रशासन पर गंभीर आरोप
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशासन “कुंभकर्णी नींद” में है और जनता की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक नागरिक आर्थिक गतिविधियों को रोककर संगठित विरोध नहीं करेंगे, तब तक प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होगी।
इस अभियान में संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी, युवा साथी और सैकड़ों जागरूक नागरिक शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में नारा दिया-“ओबरा की यही पुकार, अब चाहिए हमें सुधार।”
विश्लेषकों का मानना है कि ओबरा से उठी यह आवाज अब केवल एक कस्बे की नहीं रही, बल्कि देश के उन तमाम औद्योगिक क्षेत्रों का प्रतीक बनती जा रही है, जहां विकास की कीमत आम जनता अपने स्वास्थ्य और भविष्य से चुका रही है।







