धान की कालाबाजारी पर मंडी समिति की कार्रवाई, दो पिकअप जब्त

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सी एस पाण्डेय

O- छत्तीसगढ़ ले जाए जा रहे धान पर शिकंजा, एक वाहन जुर्माने पर छूटा, दूसरा पुलिस के हवाले

बभनी (सोनभद्र) । छत्तीसगढ़ में धान की अवैध तस्करी को लेकर सामने आ रही खबरों के बीच प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्रवाई शुरू की है। बभनी क्षेत्र में मंडी समिति ने रविवार को धान से लदे दो पिकअप वाहनों को पकड़कर कार्रवाई की। इनमें से एक वाहन को नियमानुसार जुर्माना वसूलने के बाद छोड़ दिया गया, जबकि जुर्माना अदा न करने पर दूसरे वाहन को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

मंडी समिति के अधिकारियों के अनुसार दोनों पिकअप वाहन बिना वैध कागजात के धान लेकर छत्तीसगढ़ की ओर जा रहे थे। मंडी समिति सचिव ने बताया कि सोनभद्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर धान ले जाने के दर्जनों वैकल्पिक रास्ते हैं, जिससे हर मार्ग पर निगरानी रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण सीमावर्ती इलाकों में लगातार और प्रभावी कार्रवाई कर पाना कठिन है।

गौरतलब है कि बभनी क्षेत्र में धान की सरकारी खरीद अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पा रही है। इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ आढ़ती और व्यापारी किसानों से कम कीमत पर धान खरीदकर छत्तीसगढ़ में ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। इस अवैध कारोबार को लेकर खबरें प्रकाशित होने के लगभग एक सप्ताह बाद यह कार्रवाई सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती बलरामपुर जिले में हाल ही में करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य का अवैध धान जब्त किया गया है। इसके बावजूद भी सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्कर सक्रिय हैं और धान की कालाबाजारी बेरोकटोक जारी है। स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक सीमावर्ती मार्गों पर सख्त और सतत निगरानी नहीं की जाएगी, तब तक इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना मुश्किल होगा।

प्रशासन का दावा है कि आगे भी ऐसे मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी, जबकि आमजन की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या यह कार्रवाई केवल औपचारिक रहेगी या धान तस्करी पर वास्तव में लगाम लगेगी।

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