कद्दावर नेता रहे विधायक सुधाकर सिंह,निधन से जनपदवासियो में शोक

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रविन्द्र कुमार

घोसी लोकसभा क्षेत्र के कद्दावर जुझारू नेता सुधाकर सिंह का परिचय

मऊ(उत्तर प्रदेश)। जनपद के घोसी विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक सुधाकर सिंह 67 वर्ष कद्दावर नेताओं में से एक हैं। माफिया मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी के दावते वलीमा में नोएडा से शामिल होकर लौटे थे, इसके बाद उनकी हालात खराब हो गई इसके बाद उन्हें लखनऊ के मेदान्ता हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था जहाँ वृहस्पतिवार की भोर में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली।

सुधाकर सिंह की स्थानीय स्तर पर पहचान एक जमीनी नेता के तौर पर थी जो कि स्थानीय स्तर पर ग्राम सभा से विधानसभा तक जनता के लिए लड़ने का पहचान रखते थे। सुधाकर सिंह दो बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने साल 1996 में नत्थूपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी और उसी के साथ ही वह विधायक बने थे। इसके बाद साल 2012 में नत्थूपुर मधुबन कर दिया गया। इस बदलाव के साथ ही यहां फिर चुनाव हुआ और इसमें भी सुधाकर सिंह ही विजयी रहे।

साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में घोसी सीट से सपा ने एक बार फिर से सुधाकर सिंह को टिकट दिया था लेकिन मोदी लहर में उन्हें बीजेपी के फागू चौहान से हार का सामना करना पड़ा था। वही जुलाई, 2019 में फागू चौहान को बिहार का राज्यपाल बनाया गया तो घोसी विधानसभा सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव हुए।

इस बार बीजेपी ने विजय राजभर को उतारा और सपा ने सुधाकर सिंह को ही उतारा था, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते उन्हें सपा से टिकट नहीं मिल पाया था। इसके बाद सुधाकर सिंह ने निर्दलीय ताल ठोंकी और उन्हें सपा का समर्थन मिला। हालांकि इन चुनावों में सुधाकर सिंह को मामूली वोटों के अंतर हार का सामना करना पड़ा था।

साल 2023 में घोसी में उपचुनाव का ऐलान हुआ और समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर से सुधाकर सिंह को चुनावी मैदान में उतारा। घोसी में राजनीतिक पकड़ रखने वाले सुधाकर को जनता का समर्थन भी मिला। दारा सिंह चौहान को हराकर उन्होंने बीजेपी को बड़ा झटका दिया था।

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