ग्राम पंचायतों की आत्मनिर्भरता की ओर कदम

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अमित मिश्रा

O- डीपीआरसी सोनभद्र में मंडल स्तरीय प्रशिक्षण शुरू

सोनभद्र। उप निदेशक (पंचायत) विंध्याचल मंडल, मिर्जापुर के दिशा-निर्देश पर ग्राम पंचायतों की स्वंय की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय मंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को डीपीआरसी भवन, सोनभद्र में किया गया। यह प्रशिक्षण 25 अक्टूबर से 27 अक्टूबर 2025 तक चलेगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ अपर जिला पंचायत राज अधिकारी श्री राजेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि ग्राम पंचायतें विकास कार्यों के लिए अपने स्वयं के श्रोत तैयार करें, ताकि अतिरिक्त विकास योजनाओं में वित्तीय सहायता की कमी न हो।

वरिष्ठ फैकल्टी एवं सह प्रबंधक डीपीआरसी श्री राजेश त्रिपाठी ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को केंद्रीय एवं राज्य वित्त आयोग से सीमित धनराशि प्राप्त होती है, जिससे केवल निर्धारित कार्य ही कराए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतें अपने स्वयं के स्रोतों से आय उत्पन्न करना सीखेंगी, तो गांव की स्थानीय आवश्यकताओं को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

अपर जिला पंचायत राज अधिकारी श्री सिंह ने प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायतें अपने क्षेत्रों में करारोपण, तालाबों, फलदार वृक्षों, तथा पंचायत संपत्तियों की नीलामी जैसे स्रोतों से आय बढ़ा सकती हैं। यह आय पंचायतों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगी।

तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण में मंडल स्तरीय प्रशिक्षकों को ग्राम पंचायतों की आर्थिक आत्मनिर्भरता के विभिन्न उपायों पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में मिर्जापुर से अपर जिला पंचायत राज अधिकारी श्री प्रेम दास और कंसल्टिंग इंजीनियर श्री सुभाष पटेल बतौर प्रशिक्षक शामिल हुए, जो ‘ओएसआर’ (Own Source Revenue) के विषय में व्यवहारिक जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागी प्रशिक्षक अपने-अपने जनपदों में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में यह ज्ञान साझा करेंगे, जिससे पंचायतें वित्तीय रूप से सशक्त होकर विकास की दिशा में आगे बढ़ सकें।

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