नवीन कुमार
कोन-विंढमगंज मार्ग की भी हालत बदतर, गड्ढों की वजह से पैदल चलना भी मुश्किल, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
कोन(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। झारखण्ड राज्य को प्रदेश से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग कोन-तेलगुड़वा-कचनरवा पर बरसात में ट्रक व टीपर के गड्ढों में फंसने से घण्टो जाम लगा रहा,जिसे आवागमन पूरी तरह से बाधित रही। बरसात की शुरुआत के साथ ही कोन की प्रमुख सड़कों की दुर्दशा एक बार फिर सामने आ गई है। कोन-तेलगुड़वा मार्ग, जिसे स्थानीय लोग कोन की ‘लाइफलाइन’ कहते हैं, इन दिनों बुरी तरह जर्जर हो चुकी है। सोमवार की रात लगभग 8 बजे ग्राम पंचायत बरवाडीह के समीप सड़क पर गहरे गड्ढे में ट्रक व टीपर के फंस जाने से मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। इसके चलते दर्जनों वाहन फंसे रहे और राहगीरों को घंटों तक भारी परेशानी उठानी पड़ी।
रात्रि से लेकर सुबह तक कोई प्रशासनिक या पुलिस सहायता न मिलने के कारण आम जनता को खुद ही वाहनों को निकालने के प्रयास करने पड़े। जाम की स्थिति से मरीज, स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस व ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारी बुरी तरह प्रभावित हुए।
“पहले गड्ढे भरें, फिर करें सड़क निर्माण” — ग्रामीणों की मांग
स्थानीय निवासी संजय, धर्मेंद्र, विनय, रामकुमार, अशोक, रामखेलावन सहित दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग का भूमिपूजन काफी पहले हो चुका है, लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। ठेकेदार की लापरवाही और विभाग की उदासीनता के कारण बरसात के पानी से सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि जब तक सड़क का पुनर्निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक कम से कम गड्ढों को मिट्टी या गिट्टी से भर दिया जाए, ताकि लोग सुरक्षित चल सकें। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
कोन-विंढमगंज मार्ग की हालत भी चिंताजनक
सिर्फ कोन-तेलगुड़वा ही नहीं, कोन-विंढमगंज मार्ग की हालत भी बेहद खराब हो चुकी है। यहां भी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें पानी भरने के कारण दुर्घटना की संभावना और भी बढ़ गई है। इस मार्ग पर चलना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
राहगीरों का कहना है कि यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है और यहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग यात्रा करते हैं। बरसात के कारण अब इस सड़क का उपयोग करना खतरे से खाली नहीं है।
प्रशासन की चुप्पी से ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार मीडिया और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इस समस्या को उठाया गया, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सड़कों की यह हालत न केवल आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है बल्कि आपातकालीन सेवाओं को भी बाधित कर रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश और आने वाली स्थिति को देखते हुए तत्काल गड्ढों की मरम्मत कराई जाए, नहीं तो कोन और आसपास के क्षेत्र के लोग एक बड़ा आंदोलन करेंगे।







