O- संविधान खतरे में, जनता की आवाज कुचली जा रही है।
अमित मिश्रा
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर घोरावल विधानसभा के कुशहरा गांव में मंगलवार को “संविधान बचाओ सम्मेलन” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्रदेश महासचिव देवेन्द्र प्रताप सिंह ने शिरकत की।
देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि, “संविधान सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि ये हमारी आवाज़, हमारी पहचान और हमारे अधिकारों की गारंटी है। जब से देश और प्रदेश में भाजपा की सरकारें बनी हैं, तब से संविधान लगातार खतरे में है। सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग कर जनता की आवाज़ को कुचला जा रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और असहमति की आवाज़ को दबाने के लिए हरसंभव हथकंडे अपना रही है।

पूर्व प्रदेश सचिव करमचंद बिंद और कोऑर्डिनेटर विधि सिंह ने कहा कि “भाजपा सरकार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं जैसे राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर ईडी और सीबीआई जैसे सरकारी तंत्रों का दुरुपयोग कर फर्जी मुकदमे दर्ज करा रही है, ताकि उनकी जनहित की आवाज़ को दबाया जा सके। लेकिन राहुल गांधी सड़क से संसद तक संघर्ष कर रहे हैं और डरने वाले नहीं हैं।”
जिला अध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने भाजपा पर दलितों और पिछड़ों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सरकार संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल कर रही है।
सेवा दल के जिला अध्यक्ष कौशलेश पाठक ने कहा कि सरकार जनता को डराने के लिए बुलडोजर की राजनीति कर रही है, जबकि महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऊषा चौबे ने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षा में पूरी तरह विफल रही है और महिला अपराधों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
कोऑर्डिनेटर आधार जोसेफ ने कहा कि, “संविधान को बचाना अब सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। अगर संविधान नहीं बचा, तो न हक़ बचेगा, न इंसाफ़ और न लोकतंत्र।”
कार्यक्रम के दौरान कमलेश ओझा, जितेंद्र पासवान समेत कई कांग्रेस नेताओं ने सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया।
राजीव त्रिपाठी, राजबाली पांडे, शत्रुंजय मिश्रा, आशुतोष दुबे, बृजेश तिवारी, बाबूलाल पनिका, शशिकांत उपाध्याय, दयाशंकर पांडे, राहुल पटेल, सिराज हुसैन, पंकज मिश्रा, काशी बियार, मोहन बियार, निगम मिश्रा, अनिल सिंह, अमरेश देव पांडे, स्वतंत्र साहनी, शीतला पटेल, लल्लू राम पांडे, अंशु मददेशिया, सूरज बर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राजीव त्रिपाठी, राजबाली पांडे, शत्रुंजय मिश्रा, आशुतोष दुबे, बृजेश तिवारी, बाबूलाल पनिका, शशिकांत उपाध्याय, दयाशंकर पांडे, राहुल पटेल, सिराज हुसैन, पंकज मिश्रा, काशी बियार, मोहन बियार, निगम मिश्रा, अनिल सिंह, अमरेश देव पांडे, स्वतंत्र साहनी, शीतला पटेल, लल्लू राम पांडे, अंशु मददेशिया, सूरज बर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।







