गुरु अर्जुन देव का 419 वां शहीदी दिवस मनाया गया

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अमित मिश्रा

शहीदी दिवस पर लंगर लगाया और पिलाया शरबत

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। श्री गुरु अर्जन देव  का 419 वां शहीदी दिवस गुरुद्वारा सोनभद्र नगर कमेटी द्वारा मनाया गया। इस दौरान लंगर और मीठे शरबत का स्टाल लगाकर आते जाते राहगीरों को शरबत पिलाया गया।

शहीदी दिवस को मनाने के लिए 40 दिनों तक सुखमणि साहिब का पाठ संगत द्वारा किया अथवा अखंड पाठ की समाप्ति के बाद अहरौरा से आए भाई जीत सिंह व भाई सुरजन सिंह, दया सिंह द्वारा भजन कीर्तन का गायन किया गया। दिव्य आत्माओं के शरीर में परमेश्वर की दिशा ज्योति हमेशा प्रकाश मांन रहती है, इतनी शांति आ जाती है की मृत्यु से डर नहीं लगता।

सिखों के पांचवे गुरु श्री गुरु अर्जन देव भी ऐसी हस्तियों में थे। उन्होंने मुगल शासक जहांगीर के अन्याय के विरुद्ध धर्म एवं आस्था की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। भारतीय समाज जहांगीर की धर्मार्थ नीतियों से त्रस्त हो गया था ऐसे समय गुरु जी की प्रेरणा से उनके तेजस्वी व्यक्तित्व से समाज के अंदर विश्वास पैदा हो रहा था जो की जहांगीर को सहन नहीं हो रहा था। अंत में गुरु जी को गर्म तवे पर गर्म तेल डालकर शहीद कर दिया गया। गुरुजी उस समय केवल प्रभु स्वर्ण में ही ली रहे गुरु अर्जन देव जी ने गुरु ग्रंथ साहब का स्थापना किया। इसमें गुरुओं की वाणी के अलावा अन्य भक्तों की वाणी को भी स्थान दिया गया है कबीर दास जी रविदास जी सहित अन्य वाणी को स्थान दिया गया है।

गुरु जी ने लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था के केंद्र बिंदु श्री हरि मंदिर साहब जिसे स्वर्ण मंदिर भी कहा जाता है का निर्माण संपूर्ण कराया स्वर्ण मंदिर की नींव का पत्थर मुस्लिम फकीर मियां मीर से रखवाई इसमें चारों तरफ चार दरवाजे रखवाए जो की दर्शाता है कि यह सभी जातियों के लिए खुला है। गुरु जी का बलिदान हम प्रेरित करता है कि किसी भी परिस्थिति में अन्याय के आगे झुकना नहीं चाहिए क्यों ना प्राणों का बलिदान ही करना पड़े।

इस मौके पर जसवीर सिंह रणजीत सिंह दया सिंह अजीत सिंह भंडारी देवेंद्र सिंह कमलेश सिंह खंबे मुखविंदर सिंह गोल्डी दिनकर सिंह अमन विक्की रवि सिंह संतोष सिंह मनमीत सिंह बलकार सिंह सोनू त्रिलोक सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

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