अवैध खनन जोरो पर जिम्मेदार मौन

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पीयूष गर्ग

बीजपुर (सोनभद्र) । दक्षिणांचल के जरहा वन रेंज क्षेत्र का अंजानी सेक्शन अवैध खनन का गढ़ बनता जा रहा है l वन विभाग एवं स्थानीय पुलिस की अनदेखी का लाभ खनन माफिया दिन रात उठाने में लगे हुए हैं l जरहां वन क्षेत्र के बरन नदी, सिंदूर, पिपरहर लीलाडेंवा,ठुरुक्की नदी,अजिर नदी, कोचिला आदि स्थानों पर नदियों एवं पहाड़ों का अस्तित्व अवैध खनन के कारण संकट में पड़ता दिख रहा है l हौसला बुलंद खनन माफिया दिन हो चाहे रात ट्रैक्टरों से बालू बोल्डर के दोहन में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं l गौरतलब हो कि जिलाधिकारी द्वारा अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी वन ,पुलिस सहित खनिज व राजस्व विभाग को भी दिया गया है लेकिन खनिज व राजस्व विभाग क्षेत्र में कभी झांकने तक नहीं आ रहे हैं वहीं सामने खनन होता देख खुलेआम बालू एवं बोल्डर की परिवहन को नजर अंदाज करना वन विभाग एवं पुलिस के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है l

बताया जाता है कि वर्तमान समय में अनजानी सेक्शन में लगभग एक दर्जन ट्रैक्टर अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं तो 35 टीपर से बालू खनन और परिवहन चर्चा में है। गौरतलब हो की क्षेत्र में बालू बोल्डर गिट्टी का कहीं भी खनिज विभाग द्वारा लीज पट्टा स्वीकृत नहीं किया गया है इसके बाद भी क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों में लोकल नदियों एवं पहाड़ों से बालू , बोल्डर का अवैध खनन कर विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है l सूत्रों पर गौर करें तो अवैध खनन के इस कारोबार में क्षेत्र के कुछ चुनिंदा ग्राम प्रधान , पूर्व प्रधान तथा पार्टी विशेष के सफेद पोश नेता भी अपने ट्रैक्टरों के साथ खनन माफियाओं का साथ देकर मोटी कमाई करने में लगे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल अवैध खनन पर अंकुश लगाए जाने की मांग किया है l

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